गलती हो गई… सुप्रीम कोर्ट में अरविंद केजरीवाल ने ऐसा क्यों कहा? जानिए पूरा मामला
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मानाहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहतत मिली है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मानाहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहतत मिली है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने उनके खिलाफ चल रहे मानहानि मामले को फिलहाल आगे नहीं बढ़ाने का आदेश दिया है। सीएम केजरीवाल कोर्ट में बताया था कि उस वीडियो को रीपोस्ट करना उनकी एक ‘गलती’ थी।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सीएम केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यह स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है कि यह एक गलती थी, अगर उन्हें पता होता कि इसके ये परिणाम होंगे।
क्या हुआ कोर्ट में?
सिंघवी ने निचली अदालत के समक्ष स्थगन का अनुरोध करते हुए कहा कि वे अरविंद केजरीवाल पर तेजी से मुकदमा चला रहे हैं। वे इसे आगे बढ़ा रहे हैं। हम ट्रायल कोर्ट के समक्ष स्थगन का अनुरोध करेंगे।
न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि केजरीवाल जिस पद पर हैं, उसे देखते हुए उन्हें फिलहाल अदालत में पेश होने की जरूरत नहीं है। इसके बाद पीठ ने मामले में शिकायतकर्ता से निर्देश लेने को कहा कि क्या केजरीवाल द्वारा गलती स्वीकार करने के आधार पर मामले को बंद किया जा सकता है। शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि वह अपने मुवक्किल से निर्देश लेंगे और इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई 11 मार्च के लिए तय कर दी। वहीं कोर्ट ने कहा कि इस मामले को ट्रायल कोर्ट द्वारा नहीं उठाया जाएगा।
यह मामला मई, 2018 में यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक आपत्तिजनक वीडियो को केजरीवाल के रीट्वीट करने के संबंध में है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा
विगत 5 फरवरी, 2024 को दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि झूठ के सहारे बदनाम करने की इस विषय सामग्री को रीपोस्ट करना मानहानि कानून के दायरे में आता है। हाईकोर्ट ने कहा कि बिना जाने-बूझे किसी विषय सामग्री को रीट्वीट के प्रति एक जिम्मेदारी का अहसास कराए जाने की जरूरत है। बिना वैधानिक चेतावनी के अपमानजनक विषय सामग्री को रीट्वीट करना दंड, दीवानी के साथ ही अपराधमूलक दायरे में आता है।
इंटरनेट मीडिया की दुनिया में सूचनाएं रोशनी की गति से फैलती जाती हैं। उसका दायरा वैश्विक है। डिजिटल युग में प्रकाशन की सीमाएं बढ़ गई हैं और मानहानि के प्रभाव का दायरा भी बढ़ गया है।

28 सितंबर, सोमवार
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