वरिष्ठ पत्रकार व इंदौर प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविंद तिवारी का राजबाड़ा 2 रेसीडेंसी नाम से मशहूर इस हफ्ते का नया कालम प्रदेश की राजनीति की खास खबरों के साथ
राजबाड़ा 2 रेसीडेंसी अरविंद तिवारी बात यहां से शुरू करते हैं • कांग्रेसी मत बनो... अपने ही सरकार के खिलाफ गाहे-बगाहे तीखे तेवर अख्तियार करने वाले कृषि मंत्री कमल पटेल को पिछले दिनों संघ ने सख्त हिदायत दे डाली।
अरविंद तिवारी
बात यहां से शुरू करते हैं
• कांग्रेसी मत बनो… अपने ही सरकार के खिलाफ गाहे-बगाहे तीखे तेवर अख्तियार करने वाले कृषि मंत्री कमल पटेल को पिछले दिनों संघ ने सख्त हिदायत दे डाली। संघ के एक शीर्ष पदाधिकारी ने पटेल को तलब कर कहा कि कांग्रेसी मत बनो। पटेल की अतिवाचालता से सरकार और संगठन दोनों तो पहले से ही नाराज थे पर हाल ही में जब उन्होंने जब नरसिंहपुर के कलेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जबलपुर के कमिश्नर को पत्र लिख डाला तो फिर संघ को मोर्चा संभालना पड़ा और मूलतः संघ की नर्सरी से ही राजनीति के इस मुकाम तक पहुंचे पटेल को सख्त हिदायत दे दी गई।
• ऐसा लगता है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के नेताओं
ने एक दूसरे को नींचा दिखाने की सौगंध खा रखी है। संगठन लुंज पुंज पड़ा है और नेता नगरीय निकाय चुनाव के टिकटों की बंदरबांट में लग गए हैं। उन्हें लग रहा है कि अपन तो बस टिकट दिला दो फिर उम्मीदवार जाने। कमलनाथ जरूर सक्रिय हैं पर उनकी सक्रियता का अंदाज़ कुछ अलग है। इससे इतर भारतीय जनता पार्टी में विधानसभा के बाद अब मंडलवार संवाद शुरू हो गए हैं और पार्टी के जिम्मेदार नेता वार्ड के लोगों के साथ बैठकर रणनीति बनाने में लगे हैं। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जिस अंदाज़ में दौरे शुरू कर दिए हैं उससे स्पष्ट है कि चुनाव अभी हो या 6 महीने बाद, भाजपा ने मैदान संभाल लिया है।
• नाथूराम गोडसे का स्तुति गान करने वाले बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस प्रवेश के बाद अरुण यादव की मुखरता दरअसल कांग्रेस के आदम कद नेता कमलनाथ के खिलाफ उनके बगावती तेवरों का संकेत ही है। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री रहते हुए यादव की जमकर उपेक्षा की और मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी उन्हें भाव नहीं दे रहे थे। उपचुनाव के दौर में जरूर उन्हें यादव की याद आ गई थी और वह उन्हें साथ लेकर घूमे थे। अब यादव फिर गुमनामी में हैं पर उनकी पीठ पर दिग्विजय सिंह का हाथ उन्हें समय-समय पर राजनीतिक हैसियत का एहसास कराता रहता है। देखना यह भी है कि यादव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कांग्रेस की राजनीति करने वाले और उनके प्रदेश अध्यक्ष रहते शेडो अध्यक्ष की भूमिका में रहे केके मिश्रा इस दौर में किसका साथ देते हैं।
• सालों पहले मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैलाश नाथ काटजू को डॉ. लक्ष्मी नारायण पांडे ने जावरा विधानसभा सीट पर शिकस्त देकर नया इतिहास रचा था। अब दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं पर डॉक्टर पांडे के पुत्र और जावरा से तीसरी बार के विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे के तीखे तेवरों की बड़ी चर्चा है। डॉक्टर पांडे ने इस बार अलग-अलग विभागों से संबंधित 69 प्रश्न विधानसभा में लगाए थे इनमें से पांच रतलाम मेडिकल कॉलेज की अनियमितताओं को लेकर थे। जाहिर है, ये सदन में आते तो हंगामा होता ही पर सत्र शुरू होने के पहले डॉक्टर पांडे कोरोना पॉजिटिव हो गए और लगा कि अब बात नहीं बन पाएगी। लेकिन हर हालत में सदन में जाने पर आमादा विधायक ने जब पुनः परीक्षण करवाया तो वह निगेटिव हो गए। देखते हैं अब क्या होता है।
• मुख्य सचिव रहते हुए एसआर मोहंती ने जिस तरह इकबाल सिंह बैंस को निपटाया था उसका नुकसान इंदौर के रियल एस्टेट कारोबारी सुरेंद्र संघवी को इतना ज्यादा उठाना पड़ेगा यह किसी ने सोचा भी नहीं था। मोहंती मुख्य सचिव थे तब इंदौर में संघवी की तूती बोलती थी। एम गोपाल रेड्डी से भी संघवी के बहुत मधुर संबंध थे। जैसे ही निजाम बदला और इकबाल सिंह बैंस मध्य प्रदेश के सबसे शक्तिशाली नौकरशाह हो गए उन्होंने मोहंती और उनसे जुड़े लोगों को सीधे निशाने पर लिया। उनसे जुड़े मामले बंद बस्तों से निकाले गए और जैसे ही अयोध्यापुरी का मामला आला अफसरों के ध्यान में आया संघवी और उनके बेटे दोनों को निशाने पर ले लिया गया। हालत ऐसी है कि संघवी के शुभचिंतक नौकरशाह चाहते हुए भी मदद नहीं कर पा रहे हैं।
• इसी साल रिटायर हो रहे तेजतर्रार आईएएस अफसर राधेश्याम जुलानिया के पांव मध्यप्रदेश में इस बार क्यों नहीं जम पाए, इसके अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। पहला कारण अपने ही बेसमेंट मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस से जुलानिया की पटरी नहीं बैठना, दूसरा बैंस के दबदबे के कारण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भी जुलानिया से दूरी बनाए रखना और तीसरा इस बार संघ के जुलानिया के मददगार की भूमिका में खड़ा न होना। वरना कोई कारण नहीं कि माध्यमिक शिक्षा मंडल का अध्यक्ष रहते हुए जुलानिया ने जो निर्णय लिए थे उसे अमल में लाकर बोर्ड को देश का नंबर 1 बोर्ड बनाने में मददगार होने की बजाय उन्हें वहां से भी रुखसत कर दिया गया। वह भी मंत्रालय में ओएसडी की भूमिका में।
• अफसरों से जमकर काम लेने के लिए ख्यात मुख्यमंत्री उनकी निजी जरूरतों को लेकर भी बहुत संवेदनशील रहते हैं। जब वीरेंद्र सिंह रावत को भिंड के कलेक्टर पद से एनवीडीए का फील्ड कमिश्नर बनाकर इंदौर पदस्थ करने के आदेश हुए तो कहा गया कि रेत माफिया पर नियंत्रण में असफल रहने और गोहद क्षेत्र के एक वजनदार भाजपा नेता से पंगा लेने का खामियाजा रावत को भुगतना पड़ा। यह पूरी तरह गलत निकला। दरअसल गंभीर रूप से अस्वस्थ अपनी पत्नी के इलाज के लिए रावत इंदौर में पदस्थापना चाहते थे और उन्होंने खुद भिंड से हटने की पेशकश की थी। मामले की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री ने उनके अनुरोध को स्वीकार किया और उन्हें इंदौर में ही पदस्थापना मिल गई।
• मनीष… इस नाम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बहुत प्रभावित हैं। इसे कुछ यूं समझिए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, नगरीय प्रशासन विभाग के भावी प्रमुख सचिव मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी मनीष श्रीवास्तव, सीएमओ में अहम भूमिका निभाने वाले मनीष पांडे और इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह। इसे महज संयोग न मानें, इन नामों को तवज्जो मिलने का कारण कहीं ना कहीं इनकी प्रशासनिक दक्षता और कुशल मैनेजमेंट भी है। अपनी इस पारी में मुख्यमंत्री अहम प्रशासनिक पदों पर मेरिट और मैनेजमेंट को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं और उसी का नतीजा है इन 5 मनीष नाम के अफसरों का महत्वपूर्ण किरदार में होना।
चलते चलते
पुलिस मुख्यालय में इन दिनों एक बहुत ही वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी चर्चा में हैं। चर्चा का कारण भी अधिकारी की पत्नी ही हैं, जो उक्त अधिकारी से जुड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में अब सीधी दखलंदाजी करने लगी हैं। इसके पीछे उनका मकसद यह भी हो सकता है कि कहीं सेवानिवृत्ति के बाद रुतबा कम होने की स्थिति में भागीदार आंखें न दिखाने लगे।
भोपाल में रोजबेरी और इंदौर में एटम के नाम से स्पा संचालित करने वाली नीलम की पकड़ का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके प्रतिष्ठानों पर कई बार छापे पड़ने और अनैतिक कृत्यों की पुष्टि होने के बाद भी आज तक पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
पुछ्ल्ला
सरकारें तो आती जाती रहती हैं, लेकिन बदलाव के इस दौर में भी आईएएस अफसर सत्येंद्र सिंह के पांव कैसे जमे रहते हैं यह पता लगाना चाहिए।
अब बात मीडिया की
• नई दुनिया इंदौर की संपादकीय टीम की वह पार्टी इन दिनों बड़ी चर्चा में है जिसमें भुगतान तो तगड़ा किया गया लेकिन न समय पर सब्जी मिल पाई और ना ही रोटियां।
• दैनिक भास्कर के इंदौर संस्करण में वर्षगांठ संस्करण की तैयारी शुरू हो गई है, जो मार्च के पहले सप्ताह में सामने आएगा। संपादक अमित मंडलोई इस बार कुछ नया करके दिखाना चाहते हैं।
• वरिष्ठ पत्रकार और पीपुल्स समाचार के ग्रुप एडिटर मनीष दीक्षित पत्रकारिता के क्षेत्र के अपने अनुभव को एक पुस्तक के रूप में ला रहे हैं। यह पुस्तक जल्दी हमारे बीच होगी।
• दखल प्राइड अवार्ड समारोह को बहुत ही सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करके वरिष्ठ पत्रकार अनुराग उपाध्याय ने सबका ध्यान खींचा है। सम्मान के लिए चयनित नामों पर भी उन्हें खूब तारीफ मिली।
• अहिल्या वाणी अखबार और अहिल्यावाणी.कॉम पोर्टल संचालित कर रहे पत्रकार अनमोल तिवारी, उनकी पत्नी सीमा तिवारी और दोनों बेटे रुद्र और समर्थ कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

28 सितंबर, सोमवार
ePaper पढ़ें
Indoreनवरात्रि में बाबा बाल हनुमान सेवा समिति का भव्य कन्या पाद पूजन का आयोजन 3 दिन पहले
Indore“विशाल चुनरी यात्रा” में उमड़ा जनसैलाब.. 3 दिन पहले
Indoreबेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ संकल्प के साथ सप्तम (सातवां) दिवस पर कन्याओं का पाद पूजन 5 दिन पहले
Indoreइंदौर में गरबा पंडालों में अंडर कवर एजेंट की एंट्री, लहंगा-चुन्नी और मेकअप में पहचानना मुश्किल 5 दिन पहले
Indoreबेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ संकल्प के साथ षष्ठम (छठा) दिवस पर कन्याओं का पाद पूजन 6 दिन पहले
Indoreइंदौर में हुआ ‘द मैन बिहाइंड द वर्डिक्ट’; उज्ज्वल निकम बोले, “सच के साथ साहस से लड़ना भी राष्ट्रभक्ति है!” 6 दिन पहले
Indoreबढ़ते इंदौर को पानी की चिंता से राहत देने की बड़ी तैयारी, 2055 तक के पानी की समस्या होगी दूर 6 दिन पहले
Indoreबिना सूचना फुटबॉल कोच को पद से हटाया, ₹51,100 बकाया वेतन मांगने पर स्कूल में प्रवेश पर लगाई रोक 6 दिन पहले
India Newsकॉमनवेल्थ के वैश्विक मंच पर गूंजेगी इंदौर की आवाज, महापौर भार्गव स्टीयरिंग कमेटी में शामिल 7 दिन पहले
Indoreमध्यप्रदेश में पर्यटन सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों का तेजी से हो रहा है विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिन पहले
Indoreकलेक्टर कार्यालय में सम्पन्न हुई जनसुनवाई 9 दिन पहले
Indoreमध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कन्या पाद पूजन 9 दिन पहले
Indoreजनगणना 2027 के द्वितीय चरण के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ 10 दिन पहले
Indoreमध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कन्या पाद पूजन 10 दिन पहले
Indoreइंदौर जिले के 74 ग्रामों में 30 करोड़ 19 लाख रुपये से होंगे विभिन्न विकास कार्य 12 दिन पहले
Indoreखाद्य सुरक्षा प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बिना वैध खाद्य पंजीयन गुलाब जामुन इंस्टेंट मिक्स का निर्माण पाए जाने पर अन्नपूर्णा इंडस्ट्रीज में निर्माण कार्य बंद कराया 12 दिन पहले
Indoreसेवा संकल्प अभियान के तहत निगम मुख्यालय में चला विशेष स्वच्छता अभियान 21 दिन पहले
Indoreआजीविका समूह से बदली श्रीमती अनीता चौहान की जिंदगी, सिलाई से बनीं आत्मनिर्भर 21 दिन पहले
Indoreअल्प वर्षा की स्थिति में रबी फसलों के लिए आकस्मिक कार्ययोजना पर मैदानी अमले को दिया गया प्रशिक्षण 21 दिन पहले
India Newsइंदौर में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा वंदन कार्यक्रम संपन्न 21 दिन पहले
Indoreइंदौर निगम के टैंकर ने B.Tech छात्रा को रौंदा, मौत:भाई घायल; हादसे के बाद भाग रहे ड्राइवर को राहगीरों ने पकड़ा 22 दिन पहले
India NewsReligious and Scientific Significance of Shradh Paksha 26 दिन पहले
India Newsश्राद्ध पक्ष का है धार्मिक व वैज्ञानिक महत्व 26 दिन पहले
Indoreसांवेर विधानसभा के वार्ड 35 और 36 को मिली विकास कार्यों की सौगात, मंत्री श्री सिलावट ने 19.50 करोड़ रुपये के कार्यों का किया भूमिपूजन-लोकार्पण 27 दिन पहले