इंदौर के MY में स्ट्रेचर पर लेटा एक शव महीनों से कर रहा अपने अंतिम संस्कार का कर रहा इंतजार
जी हां सुनने में यह एक अजीब सा लग रहा होगा पर यह एक ऐसी हकीकत है जहाँ प्रदेश के सबसे बड़े एम वाय अस्पताल की मरच्यूरी रूम में महीनों से स्ट्रेचर पर रखा एक शव अपने अंतिम संस्कार का इंतजार करते-करते कंकाल बन गया दरअसल मानवता को शर्मसार करती यह तस्वीर दिल को झंझोड देती है वही प्रदेश के सबसे बड़े एमवाय अस्पताल अपनी लापरवाही के चलते हमेशा सुर्खियों में बना रहता है वही दिल को झकझोर देने वाली यह तस्वीर एम वाय अस्पताल के मरच्यूरी रूम की है जहाँ शव स्ट्रेचर पर रखे रखे कंकाल बन गया जहाँ जिम्मेदार अधिकारियों पर अब यह सवालिया खड़े करता है कि आखिर इतनी बड़ी चुक कैसे हो गई कि एक शव महीना तक मरच्यूरी रूम में पड़े पड़े स्ट्रेचर पर कंकाल हो गया किसी जिम्मेदार अधिकारी को इस बात की भनक भी नही लगी औऱ अगर इस बात की शिकायतें की गई तो तो क्यों इस मामले में संज्ञान तक नही लिया गया अब सवाल यह भी खड़े होते हैं कि अगर कोई अज्ञात शव अगर पुलिस बरामद करती है तो पोस्टमार्टम के लिए उसे एमवाय अस्पताल की मरच्यूरी रूम में भेजा जाता है शव के पोस्टमार्टम के बाद 3 दिनों तक अगर उसकी शिनाख्त नहीं होती है तो नगर निगम और एनजीओ के माध्यम से उसका अंतिम संस्कार किया जाता है पर इस शव के कंकाल होने पर भी अब तक तो ना इसका पोस्टमार्टम हो पाया और ना ही पुलिस विभाग द्वारा इस पर कोई संज्ञान लिया गया वहीं अस्पताल में जिम्मेदारों की बात करें तो शव बुरी तरह खराब होते होते बदबू मारने लगा कई बार कर्मचारियों द्वारा इस शव को लेकर शिकायतें भी की गई लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर संज्ञान भी नहीं लिया अब बात करें कि आखिर इस पूरे मामले का जिम्मेदार कौन जहाँ शव को स्टेचर पर रखे रखे महीनों बीत गए और किसी को इसकी जानकारी तक नही लगी कोविड-19 के तहत जहां प्रशासन द्वारा गाइडलाइन के तहत हॉस्पिटल और अन्य संस्थानों को रोजाना सेनीटाइजर भी करना है लेकिन वही मरचूरी रूम में रोजाना आने वाली कोरोना संक्रमण के शव को रखा जाता है लेकिन बदहाल हुई मर चुरी रूम में ना तो सैनिटाइजर का उपयोग किया जा रहा है वही मरच्यूरी रूम की देखरेख या मेंटेनेंस के कार्य के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी है कहने को तो यहाँ 16 फ्रीजर शवों को रखने के लिए मौजूद है लेकिन अधिकांश फ्रीजर बंद होने के कारण कई शव बाहर ही रखें रखे बदबू मारने लगते हैं मानवता को छिछोड देने वाली यह तस्वीर से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार अधिकारी अपना फर्ज किस तरह निभा रहे हैं एम वाई हॉस्पिटल से दो सौ कदम की दूरी पर बने मरच्यूरी रूम के बाहर स्टेट लाइट बंद है जिसके कारण अंधेरा होने से अधिकांश बार स्ट्रेचर पर शवों रखते समय कई बार शव स्ट्रेचर से नीचे गिर चुके हैं आखिर सवाल यह भी खड़ा होता है कि रोजाना पोस्टमार्टम के लिए 20 से 25 और उससे अधिक शवों को रोजाना मरचुरी रूम में लाया जाता है पुलिस हॉस्पिटल स्टाफ पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर सहित तमाम लोग वहां मौजूद होते हैं लेकिन यह शव आखिर आंखों से इन अधिकारियों के कैसे ओझल हो गया आखिर इस शौक को कौन यहां लाया था क्या पुलिस ने अज्ञात शव को पोस्टमार्टम के लिए यहां भिजवाया है या फिर कोई परिजन घायल अवस्था में लाने के बाद एम वाय में हुई मृत्यु के बाद शव को यहां छोड़ गए क्यों आखिर एम बाइक के जिम्मेदारों ने इसकी जानकारी पुलिस तक नहीं दी ऐसे तमाम सवाल है जो हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही पर सवाल उठाते हैं अब क्या इन जिम्मेदारों पर प्रशासन अपनी नकेल कसेगा या फिर वह हमेशा की तरह कागजी कार्यवाही कर जांच के नाम पर अनदेखी करते हुए इन जिम्मेदारों को ऐसे ही छोड़ देगा
जी हां सुनने में यह एक अजीब सा लग रहा होगा पर यह एक ऐसी हकीकत है जहाँ प्रदेश के सबसे बड़े एम वाय अस्पताल की मरच्यूरी रूम में महीनों से स्ट्रेचर पर रखा एक शव अपने अंतिम संस्कार का इंतजार करते-करते कंकाल बन गया
दरअसल मानवता को शर्मसार करती यह तस्वीर दिल को झंझोड देती है वही प्रदेश के सबसे बड़े एमवाय अस्पताल अपनी लापरवाही के चलते हमेशा सुर्खियों में बना रहता है वही दिल को झकझोर देने वाली यह तस्वीर एम वाय अस्पताल के मरच्यूरी रूम की है जहाँ शव स्ट्रेचर पर रखे रखे कंकाल बन गया जहाँ जिम्मेदार अधिकारियों पर अब यह सवालिया खड़े करता है कि आखिर इतनी बड़ी चुक कैसे हो गई कि एक शव महीना तक मरच्यूरी रूम में पड़े पड़े स्ट्रेचर पर कंकाल हो गया किसी जिम्मेदार अधिकारी को इस बात की भनक भी नही लगी औऱ अगर इस बात की शिकायतें की गई तो तो क्यों इस मामले में संज्ञान तक नही लिया गया
अब सवाल यह भी खड़े होते हैं कि अगर कोई अज्ञात शव अगर पुलिस बरामद करती है तो पोस्टमार्टम के लिए उसे एमवाय अस्पताल की मरच्यूरी रूम में भेजा जाता है शव के पोस्टमार्टम के बाद 3 दिनों तक अगर उसकी शिनाख्त नहीं होती है तो नगर निगम और एनजीओ के माध्यम से उसका अंतिम संस्कार किया जाता है पर इस शव के कंकाल होने पर भी अब तक तो ना इसका पोस्टमार्टम हो पाया और ना ही पुलिस विभाग द्वारा इस पर कोई संज्ञान लिया गया वहीं अस्पताल में जिम्मेदारों की बात करें तो शव बुरी तरह खराब होते होते बदबू मारने लगा कई बार कर्मचारियों द्वारा इस शव को लेकर शिकायतें भी की गई लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर संज्ञान भी नहीं लिया
अब बात करें कि आखिर इस पूरे मामले का जिम्मेदार कौन जहाँ शव को स्टेचर पर रखे रखे महीनों बीत गए और किसी को इसकी जानकारी तक नही लगी कोविड-19 के तहत जहां प्रशासन द्वारा गाइडलाइन के तहत हॉस्पिटल और अन्य संस्थानों को रोजाना सेनीटाइजर भी करना है लेकिन वही मरचूरी रूम में रोजाना आने वाली कोरोना संक्रमण के शव को रखा जाता है लेकिन बदहाल हुई मर चुरी रूम में ना तो सैनिटाइजर का उपयोग किया जा रहा है वही मरच्यूरी रूम की देखरेख या मेंटेनेंस के कार्य के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी है कहने को तो यहाँ 16 फ्रीजर शवों को रखने के लिए मौजूद है लेकिन अधिकांश फ्रीजर बंद होने के कारण कई शव बाहर ही रखें रखे बदबू मारने लगते हैं मानवता को छिछोड देने वाली यह तस्वीर से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार अधिकारी अपना फर्ज किस तरह निभा रहे हैं एम वाई हॉस्पिटल से दो सौ कदम की दूरी पर बने मरच्यूरी रूम के बाहर स्टेट लाइट बंद है जिसके कारण अंधेरा होने से अधिकांश बार स्ट्रेचर पर शवों रखते समय कई बार शव स्ट्रेचर से नीचे गिर चुके हैं आखिर सवाल यह भी खड़ा होता है कि रोजाना पोस्टमार्टम के लिए 20 से 25 और उससे अधिक शवों को रोजाना मरचुरी रूम में लाया जाता है पुलिस हॉस्पिटल स्टाफ पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर सहित तमाम लोग वहां मौजूद होते हैं लेकिन यह शव आखिर आंखों से इन अधिकारियों के कैसे ओझल हो गया आखिर इस शौक को कौन यहां लाया था क्या पुलिस ने अज्ञात शव को पोस्टमार्टम के लिए यहां भिजवाया है या फिर कोई परिजन घायल अवस्था में लाने के बाद एम वाय में हुई मृत्यु के बाद शव को यहां छोड़ गए क्यों आखिर एम बाइक के जिम्मेदारों ने इसकी जानकारी पुलिस तक नहीं दी ऐसे तमाम सवाल है जो हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही पर सवाल उठाते हैं अब क्या इन जिम्मेदारों पर प्रशासन अपनी नकेल कसेगा या फिर वह हमेशा की तरह कागजी कार्यवाही कर जांच के नाम पर अनदेखी करते हुए इन जिम्मेदारों को ऐसे ही छोड़ देगा

28 सितंबर, सोमवार
ePaper पढ़ें
Indoreनवरात्रि में बाबा बाल हनुमान सेवा समिति का भव्य कन्या पाद पूजन का आयोजन 2 दिन पहले
Indore“विशाल चुनरी यात्रा” में उमड़ा जनसैलाब.. 2 दिन पहले
Indoreबेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ संकल्प के साथ सप्तम (सातवां) दिवस पर कन्याओं का पाद पूजन 4 दिन पहले
Indoreइंदौर में गरबा पंडालों में अंडर कवर एजेंट की एंट्री, लहंगा-चुन्नी और मेकअप में पहचानना मुश्किल 4 दिन पहले
Indoreबेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ संकल्प के साथ षष्ठम (छठा) दिवस पर कन्याओं का पाद पूजन 5 दिन पहले
Indoreइंदौर में हुआ ‘द मैन बिहाइंड द वर्डिक्ट’; उज्ज्वल निकम बोले, “सच के साथ साहस से लड़ना भी राष्ट्रभक्ति है!” 5 दिन पहले
Indoreबढ़ते इंदौर को पानी की चिंता से राहत देने की बड़ी तैयारी, 2055 तक के पानी की समस्या होगी दूर 5 दिन पहले
Indoreबिना सूचना फुटबॉल कोच को पद से हटाया, ₹51,100 बकाया वेतन मांगने पर स्कूल में प्रवेश पर लगाई रोक 5 दिन पहले
India Newsकॉमनवेल्थ के वैश्विक मंच पर गूंजेगी इंदौर की आवाज, महापौर भार्गव स्टीयरिंग कमेटी में शामिल 6 दिन पहले
Indoreमध्यप्रदेश में पर्यटन सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों का तेजी से हो रहा है विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 8 दिन पहले
Indoreकलेक्टर कार्यालय में सम्पन्न हुई जनसुनवाई 8 दिन पहले
Indoreमध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कन्या पाद पूजन 8 दिन पहले
Indoreजनगणना 2027 के द्वितीय चरण के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ 9 दिन पहले
Indoreमध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कन्या पाद पूजन 9 दिन पहले
Indoreइंदौर जिले के 74 ग्रामों में 30 करोड़ 19 लाख रुपये से होंगे विभिन्न विकास कार्य 11 दिन पहले
Indoreखाद्य सुरक्षा प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बिना वैध खाद्य पंजीयन गुलाब जामुन इंस्टेंट मिक्स का निर्माण पाए जाने पर अन्नपूर्णा इंडस्ट्रीज में निर्माण कार्य बंद कराया 11 दिन पहले
Indoreसेवा संकल्प अभियान के तहत निगम मुख्यालय में चला विशेष स्वच्छता अभियान 20 दिन पहले
Indoreआजीविका समूह से बदली श्रीमती अनीता चौहान की जिंदगी, सिलाई से बनीं आत्मनिर्भर 20 दिन पहले
Indoreअल्प वर्षा की स्थिति में रबी फसलों के लिए आकस्मिक कार्ययोजना पर मैदानी अमले को दिया गया प्रशिक्षण 20 दिन पहले
India Newsइंदौर में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा वंदन कार्यक्रम संपन्न 20 दिन पहले
Indoreइंदौर निगम के टैंकर ने B.Tech छात्रा को रौंदा, मौत:भाई घायल; हादसे के बाद भाग रहे ड्राइवर को राहगीरों ने पकड़ा 21 दिन पहले
India NewsReligious and Scientific Significance of Shradh Paksha 25 दिन पहले
India Newsश्राद्ध पक्ष का है धार्मिक व वैज्ञानिक महत्व 25 दिन पहले
Indoreसांवेर विधानसभा के वार्ड 35 और 36 को मिली विकास कार्यों की सौगात, मंत्री श्री सिलावट ने 19.50 करोड़ रुपये के कार्यों का किया भूमिपूजन-लोकार्पण 26 दिन पहले