धार्मिक स्थलों से मीट की दुकान खोलने की घटाई जाएगी दूरी, दिल्ली सरकार ने पॉलिसी में बदलाव की तैयारियां शुरू की
अक्टूबर माह में जिस आप सरकार ने एकीकृत निगम की मीट पॉलिसी को पारित किया था अब फिर से उसमें बदलाव करने की तैयारी शुरू हो गई है।
अक्टूबर माह में जिस आप सरकार ने एकीकृत निगम की मीट पॉलिसी को पारित किया था अब फिर से उसमें बदलाव करने की तैयारी शुरू हो गई है। मीट विक्रेताओं के विरोध और उनकी परेशानी को देखते हुए आप सरकार मीट पालिसी में बदलाव करना चाहती है। इसमें धार्मिक स्थलों से मांस की दुकान खोलने और मांस की दुकान सील होने पर उस पर लगने का शुल्क के साथ ही मांस की दुकान खोलने के लिए न्यूनयम क्षेत्रफल जैसी शर्तों में बदलाव की प्रक्रिया को आप पार्षदों ने शुरू किया है। 28 दिसंबर को प्रस्ताव आप पार्षद सुल्ताना आबाद और आमिन मलिक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया था। जिसे आप सरकार ने पारित कर दिया है।
50 वर्गमीटर की संपत्ति पर दुकान खोली जा सकेगी
पारित प्रस्ताव के तहत धार्मिक स्थल से मीट की दुकान खोलने की दूरी 100 मीटर करने की बात कही गई है। जबकि अक्टूबर माह में जो प्रस्ताव पारित हुआ था उसमें 70 से 100 मीटर को बढ़ाकर 150 मीटर किया गया था। इसके साथ ही नए लाइसेंस शुल्क और नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने को भी कम करने का प्रस्ताव पारित किया गया है।
अक्टूबर माह में जो नीति पारित हुई थी उसमें नई दुकान और लाइसेंस के नवीनीकरण का शुल्क सात हजार रुपये कर दिया था। इसे पांच हजार रुपये करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके साथ ही ए श्रेणी की कालोनियों में मीट की दुकान खोलने के लिए न्यूनतम जगह में 10 वर्गमीटर जगह को घटाया गया है। अब ए श्रेणी की कालोनी में 60 वर्ग मीटर की बजाय 50 वर्गमीटर की संपत्ति पर दुकान खोली जा सकेगी।
वहीं, मीट की दुकान सील होने पर उसकी सील खोलने के लिए जुर्माने की राशि को 50 हजार से घटाकर 10 हजार करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि पूर्वकालिक उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के एकीकरण के बाद गठित हुए दिल्ली नगर निगम को लेकर एकीकृत नीति और शर्तों को अक्टूबर माह में हुई सदन की बैठक में पारित किया गया था।
नई नीति की वजह से काफी परेशानी हो रही थी
मीट एसोसिएशन को नई नीति की वजह से काफी परेशानी हो रही थी। इतना ही नहीं मीट के छोटे व्यापारी इससे काफी परेशान थे। वह लगातार अपनी मांगों को लेकर आ रहे थे। इसे देखते हुए यह प्रस्ताव सदन में पारित किया गया कि अक्टूबर माह में जो मीट पालिसी पारित हुई है उसमें बदलाव किए जाए। इसमें लाइसेंस शुल्क, जुर्मान और लोकेशन आदि महत्वपूर्ण नियमों में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया गया है। इस प्रस्ताव का समर्थन पूर्वी दिल्ली के आप पार्षद आमिल मलिक ने समर्थन किया था और सदन ने इसे पारित कर दिया है।
पहले नीति बना दी और सदन में पारित कर दी
विभाग ने मीट व्यापारियों से बिना चर्चा के पहले नीति बना दी और सदन में पारित कर दी। इससे मीट व्यापारियों को काफी परेशानी हो रही थी। इसको लेकर हमारी निगम अधिकारियों से लेकर उप महापौर आदि लोगों से बात हुई। इसके बाद निगम चार मुद्दों पर सहमत हो गया है। इसमें धार्मिक स्थल से दूरी घटाने, जुर्माने की राशि घटाने, दुकान का जरुरी क्षेत्रफल और लाइसेंस शुल्क घटाने की बात है। इसलिए पार्षद सुल्ताना आबाद ने प्राइवेट मेंबर बिल रखा है।

28 सितंबर, सोमवार
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