
परिवहन विभाग द्वारा 136 बस मालिकों को नोटिस जारी कर निर्देशित किया गया था कि वे अपने परमिट पर 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों का संचालन नहीं करें। इन परमिट पर नवीन बसों से प्रतिस्थापन कराएं।
नई उपलब्ध नहीं कराने पर कार्रवाई, चलती पाए जाने पर की जाएगी जब्त।
इसके बावजूद केवल 64 बस मालिकों ने ही नियमों का पालन किया गया।
नई बसें संचालित उपलब्ध कराई, 72 मालिकों ने निर्देशों की अनदेखी की।
इंदौर। जन सुरक्षा और यात्री सुविधा को प्राथमिकता देते हुए 15 वर्ष से अधिक पुरानी यात्री बसों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। इंदौर संभाग में स्टेज कैरिज परमिट पर संचालित 72 बसों के परमिट निरस्त कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई उन बस मालिकों पर की गई है, जिन्होंने निर्धारित समय सीमा में अपनी पुरानी बसों को नए माॅडल की बसों से नहीं बदला।
परिवहन विभाग द्वारा 136 बस मालिकों को नोटिस जारी कर निर्देशित किया गया था कि वे अपने परमिट पर 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों का संचालन नहीं करें। इन परमिट पर नवीन बसों से प्रतिस्थापन कराएं।
विभाग ने यह शर्त पहले ही परमिट जारी करते समय लागू की थी। इसके बावजूद केवल 64 बस मालिकों ने ही नियमों का पालन करते हुए नई बसें संचालित उपलब्ध कराई, जबकि 72 मालिकों ने निर्देशों की अनदेखी की।
नियमों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए इन 72 बसों के स्थायी परमिट संभागायुक्त एवं क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण इंदौर के अध्यक्ष सुदाम खाड़े द्वारा निरस्त कर दिए गए।
आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि इन बसों की सूची संभाग के सभी पुलिस अधीक्षकों, जिला परिवहन अधिकारियों (डीटीओ) और परिवहन सुरक्षा स्क्वाड को भेज दी गई है, ताकि कहीं भी संचालन करते पाए जाने पर उन्हें जब्त किया जा सके।
आरटीओ शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
