भोजन की गुणवत्ता, आधुनिक प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय का किया अवलोकन, विद्यार्थियों से संवाद कर शैक्षणिक व्यवस्थाओं की ली जानकारी

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत इंदौर श्री सिद्धार्थ जैन ने शुक्रवार को अहिल्या आश्रम स्थित सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक, आवासीय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भोजन व्यवस्था, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, शिक्षण गतिविधियों एवं छात्रावास की व्यवस्थाओं का विस्तार से अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान श्री जैन ने विद्यार्थियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन निर्माण प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा रसोई एवं भोजनालय में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।

आधुनिक प्रयोगशाला का किया निरीक्षण
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विद्यालय की आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रयोगशाला में उपलब्ध उपकरणों, विद्यार्थियों द्वारा किए जाने वाले वैज्ञानिक प्रयोगों तथा व्यावहारिक शिक्षण व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिससे उनमें वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान की प्रवृत्ति एवं नवाचार की भावना विकसित हो सके।
श्री जैन ने विद्यालय के पुस्तकालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, संदर्भ सामग्री एवं अध्ययन सुविधाओं की जानकारी लेते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पाठ्यक्रम के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, साहित्य एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों के अध्ययन पर भी बल दिया।

विद्यार्थियों से किया संवाद
निरीक्षण के दौरान श्री सिद्धार्थ जैन ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, विषयवार रुचि, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, शैक्षणिक गतिविधियों एवं अन्य आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, भविष्य की योजनाओं तथा कैरियर संबंधी रुचियों पर भी चर्चा की और उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था, छात्रावास प्रबंधन तथा समग्र शैक्षणिक वातावरण की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं अनुकूल शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
इस अवसर पर श्री सिद्धार्थ जैन ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, पौष्टिक भोजन, आधुनिक शिक्षण संसाधन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण तथा विद्यार्थियों से प्रत्यक्ष संवाद उनकी आवश्यकताओं को समझने और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने का प्रभावी माध्यम है। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

