MCD: दिल्ली के मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए 17 अप्रैल को नामांकन दाखिल करेगी AAP
दिल्ली नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है. इसके बाद अब आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि 17 अप्रैल को उनके उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेंगे.
दिल्ली नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है. इसके बाद अब आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि 17 अप्रैल को उनके उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेंगे. दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी ने अपने हथियार डाल दिए हैं.
उन्होंने कहा कि एमसीडी में मिली हार को भाजपा ने धीरे-धीरे हजम करना शुरू कर दिया है. इससे पहले खरीद फरोख्त करके मेयर और डिप्टी मेयर बनाने की बात बीजेपी करती थी, अब वह बात करना कम कर रहे हैं. मौजूदा मेयर शैली ओबरॉय को ही दोबारा मेयर का उम्मीदवार बनाए जाने के सवाल पर सौरभ भारद्वाज ने मुस्कुराते हुए कहा कि मौजूदा मेयर अच्छा काम कर रही हैं.
बता दें कि मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के लिए दिल्ली एमसीडी की बैठक 26 अप्रैल को बुलाई गई है. उम्मीदवारों को 18 अप्रैल तक नामांकन दर्ज करना होगा और 26 अप्रैल को वोटिंग होगी. अब तक आम आदमी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है. हालांकि नामांकन की अंतिम तारीख से ठीक 1 दिन पहले उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने का ऐलान जरूर किया है.
एक अप्रैल से शुरू होता है MCD का सत्र
दिल्ली नगर निगम एक्ट के मुताबिक हर बार 1 अप्रैल से निगम का सत्र शुरू होता है और पहली बैठक में मेयर, डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के 6 सदस्यों का चुनाव होता है. लेकिन निगम में अप्रत्याशित घटना क्रम के चलते इस बार स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव नहीं होगा. मेयर और डिप्टी मेयर का कार्यकाल 31 मार्च को नए मेयर चुने जाने तक दोनों अपने पद पर बने रहेंगे.
कौन होगा पीठासीन अधिकारी?
वैसे तो मौजूदा मेयर ही अगले मेयर के चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी होती हैं. लेकिन निगम एक्ट 77 के तहत मेयर प्रत्याशी पीठासीन अधिकारी नहीं हो सकता, ऐसे में अगर मौजूदा मेयर को रिपीट किया गया तो सवाल यह है कि पीठासीन अधिकारी कौन होगा, यह उपराज्यपाल को तय करना होगा. आम आदमी पार्टी के विश्वस्त सूत्रों से पता लगा है कि डॉक्टर शैली ओबेरॉय को ही दोबारा मेयर बनाने पर विचार किया जा रहा है. आपको बता दें कि निगम में पहले साल मेयर का पद महिला के लिए तो दूसरे साल जनरल के लिए आरक्षित है. हालांकि दूसरे साल भी जनरल कैटेगरी में महिला चुनाव लड़ सकती है.
इस बार क्यों नहीं होगा स्थाई समिति चुनाव?
दिल्ली नगर निगम में हर वर्ष महापौर के साथ ही स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव होता है, लेकिन इस बार स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव नहीं होगा. छह सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया तो पूरी हो गई है, लेकिन चुनाव परिणाम पर दिल्ली हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है. इस पर सुनवाई 24 अप्रैल तक लंबित है. वहीं दिल्ली नगर निगम में उपराज्यपाल द्वारा नियुक्त किए एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) के खिलाफ दिल्ली सरकार की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एलजी ऑफिस को नोटिस जारी किया. इस मामले पर 10 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा गया था.

28 सितंबर, सोमवार
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