
राजपूत सरदारों के स्वागत में उमड़ा शहर
महाराणा प्रताप के जयकारों से गूंजा शहर, कई संगठनों ने किया जगह-जगह स्वागत
महाराणा प्रताप जयंती पर हुए शहर में विभिन्न कार्यक्रम
प्रातः महाराणा प्रताप प्रतिमा पर हुआ माल्यार्पण
झांकियों के माध्यम से सड़कों पर दिखा महाराणा का शौर्य… राजपूतों ने दिया सनातन को एक करने का संदेश
इंदौर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा इंदौर के तत्वावधान में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर क्षत्रिय राजपूत समाज द्वारा महाराणा प्रताप जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। शाम करीब 7 बजे बड़ा गणपति चौराहे से भव्य शौर्य यात्रा निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में राजपूत सरदारों व अन्य समाजजनों ने हिस्सा लिया। शौर्य यात्रा बड़ा गणपति से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से संजय सेतु तक निकाली गई।शहर में शौर्य यात्रा का जगह-जगह विभिन्न सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक संगठनों व संस्थाओं सहित गणमान्य नागरिकों ने स्वागत किया। वही प्रातः महूनाका स्थित प्रताप प्रतिमा पर दुग्धाभिषेक कर स्वजातीय बन्धुओ ने माल्यर्पण भी किया

दीपेंद्र सिंह सोलंकी , पप्पू ठाकुर ने बताया कि महाराणा प्रताप की 483वी एवं महाराजा छत्रसाल 374वी जयंती पर सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए निकली सनातनी शौर्य यात्रा। इस बार राजपूत दिया सामाजिक समरसता का संदेश। यात्रा की शुरुआत में मंच पर हर समाज वर्क के अध्यक्षों व जनप्रतिनिधियो को बैठाकर किया सम्मान। यात्रा की शुरुआत में अलग-अलग समाज वर्ग की 9 कन्याओं का हुआ पाद पूजन, शौर्य पुरस्कार भी दिए गए, शुरुआत में समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सिंह परिहार और विशेष अतिथि राजपाल सिंह सिसोदिया ने संबोधित किया संचालन महासभा के नगर अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह सोलंकी द्वारा किया गया।शोर्य यात्रा को अतिथियों ने भगवा झंडी दिखाकर प्रारंभ कराया मल्हारगंज,गोराकुंड,खजूरी बाजार, राजवाड़ा होते हुए बोलियां छतरी पर राम स्तुति के साथ समाप्त हुईं।

शोर्य यात्रा में 6 से अधिक झांकियां हुई शामिल
आकर्षण का केंद्र रही प्रथम झांकी राम मंदिर पर आधारित , दूसरी झांकी नारी के आत्मसम्मान पर आधारित रानी पद्मावती के जौहर को दर्शाती हुई तीसरी झांकी महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र व सामाजिक समरसता पर और राजपूतों की वंशावली पर आधारित थी। एक अन्य झांकी जिसमें महापुरुषों के त्याग बलिदान को दर्शाया गया । यात्रा में भजन गायक गन्नू महाराज और भवानी सिंह ठाकुर की मंडली के साथ समाज जन गाते हुए चल रहे थे।

मातृशक्ति का शस्त्र कला का प्रदर्शन
शौर्य यात्रा में युवतियों ने भी अखाड़े के माध्यम से शस्त्र कला का प्रदर्शन किया।घोड़ों पर नवयुवक महापुरुषों की वेशभूषा में दिखाई दे रहे थे लहरिया साफा पहनने पुरुष केसरिया झंडे को लेकर नाचते गाते चल रहे थे महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुई बैंड,बग्गी,ढोल,ताशे,उज्जैन के प्रसिद्ध भस्म रमैया मंडली के साथ झाबुआ की नृत्य टोली भी यात्रा में शामिल रगी। यात्रा में मुख्य रूप से दीपेंद्र सिंह सोलंकी , दूले सिंह राठौड़,गोविंद सिंह परिहार,पप्पू ठाकुर,मुकेश गौतम,सुनील परिहार,दिलीप सिंह पंवार,अंजना सिंह राजावत कृष्णपाल सिंह चौहान चंद्रभान सिंह सोलंकी राहुल सिंह जादौन …….संजय सेंगर आदि उपस्थित थे।

क्षत्रिय युवाओ ने यातायात व्यवस्था में सहयोग दिया
कुंवर ग्रुप के 100 से अधिक युवाओ ने यात्रा मार्ग में ट्रैफिक को सुगमता से चलने के लिए कमान संभाल रखी थी। यात्रा में सभी समाज वर्ग को आमंत्रित किया गया था विभिन्न समाज व संगठन यात्रा मार्ग में मंच लगाकर स्वागत किया।

