
मध्यप्रदेश के उज्जैन में बुधवार की रात एक ढाबे पर करणी सेना के कथित दो गुटों के बीच वर्चस्व और पद के विवाद को लेकर खूनी झड़प हो गई। दोनों पक्ष समझौते के लिए एक साथ बैठे थे तभी उनके बीच अचानक बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि बाहर से और लोगों को बुला लिया गया। इसके बाद हथियारों से लैस लोगों ने दूसरे गुट के लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया गया। एक दर्जन से अधिक लोगों के बीच हुई इस खूनी झड़प में दो लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
पहले से था दोनों गुटों के बीच विवाद
खूनी झड़म में घायल हुए श्रवण ने पुलिस को बताया कि शक्ति सिंह और राहुल दरबार के बीच पद को लेकर विवाद था। दावा किया जा रहा है कि दोनों गुट करणी सेना से जुड़े हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक इसकी पुष्टि करणी सेना की ओर से नहीं हो पाई थी। दोनों गुट उज्जैन के कानीपुरा स्थित लक्की दरबार ढाबे पर बुधवार रात करीब 2 बजे समझौते के लिए बैठे थे। दोनों गुटों के लोगों खाना पीना भी खा रहे थे। इसी बीच उनमें किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। झगड़े के बीच ही शक्ति सिंह ने सोनू नामक व्यक्ति को फोन कर अपने और साथियों को बुला लिया।
हथियारों से लैस लोग पहुंचे और हमला बोल दिया
कुछ ही देर में 12 से 15 लोग हथियार लेकर ढाबे पर पहुंच गए और दूसरे गुट पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से ढाबे पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने बताया कि हमले में 42 वर्षीय नीमनवासा निवासी राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप गंभीर रूप से घायल हो गए। उनको इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। राहुल दरबार के बारे में दावा किया जा रहा है कि वह करणी सेना में ऊंचे ओहदे पर थे। उनके साथी उंडासा निवासी जितेंद्र पवार (35) की लाश ढाबे से कुछ दूर झाड़ियों में मिली।
घायलों के बयान दर्ज
हमले में दो अन्य घायल हो गए। वारदात की सूचना मिलते ही चिमनगंज थाना प्रभारी विवेक कनोडिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति पर काबू पाया। हालांकि तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। पुलिस ने घायलों और मृतकों को चरक अस्पताल पहुंचाया। गुरुवार को जैसे ही वारदात के बारे में जानकारी फैली बड़ी संख्या में समाज के लोग अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम के बाहर जमा हो गए। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के साथ घायलों के बयान दर्ज किए।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान
पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। चरक अस्पताल में भर्ती घायल श्रवण ने पुलिस को बताया कि शक्ति सिंह और राहुल दरबार के बीच पद को लेकर विवाद था। दोनों करणी सेना से जुड़े थे। शुरुआत में लोगों ने विवाद शांत करा दिया था लेकिन बाद में यह खूनी झड़प में बदल गया। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। खबर लिखे जाने तक करणी सेना की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है ताकि स्पष्ट हो सके कि दोनों गुट के लोग संगठन से जुड़े थे या नहीं…।

