
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में जमीनी स्तर पर काम करवाने के बाद कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों को ही राहुल गांधी से मुलाकात से रोकने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सबसे ज्यादा नाराजगी कांग्रेस की प्रभारी ऊषा नायडू से बताई जा रही है। ब्लॉक अध्यक्षों को स्पष्ट कहा गया था कि किसी भी ब्लॉक अध्यक्ष को राहुल गांधी से मिलने की एंट्री नहीं मिलेगी, लेकिन दूसरी ओर नेताओं और उनके पट्ठों के पास बन गए और वे अंदर पहुंच गए, यह बात अब कांग्रेस के जमीनी पदाधिकारियों को खटक रही है। सवाल उठ रहा है कि जिन कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम की जमीन तैयार करवाई गई, उनके लिए दरवाजे बंद और नेताओं व उनके करीबियों के लिए रास्ता खुला कैसे?
इसी नाराजगी के बीच आकाश कुशवाह के यहां कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों की बैठक चल रही है। खास बात यह है कि इंदौर के 24 ब्लॉक अध्यक्षों में से करीब 18 इस बैठक में मौजूद बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही शहर कांग्रेस कार्यकारिणी के कई पदाधिकारी भी नाराज बताए जा रहे हैं। संख्या और मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि मामला किसी एक-दो पदाधिकारियों की नाराजगी तक सीमित नहीं है। अब निगाह इस बात पर है कि संगठन इस नाराजगी को किस तरह संभालता है। अगर बात नहीं संभली तो राहुल गांधी के कार्यक्रम में जमीनी कार्यकर्ताओं को मिली कथित उपेक्षा कांग्रेस के भीतर खुली नाराजगी और विरोध का मुद्दा बन सकती है।