पुणे-बेंगलुरु हाइवे 2 दिन से ब्लॉक, किसानों का अब मुंबई समेत महाराष्ट्र में दूध और सब्जी सप्लाई बंद करने का ऐलान
महाराष्ट्र में गन्ने के दाम को लेकर चल रहा आंदोलन और तेज हो गया। इस आंदोलन की वजह से पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर कई जगहों पर यातायात प्रभावित हुआ है।
महाराष्ट्र में गन्ने के दाम को लेकर चल रहा आंदोलन और तेज हो गया। इस आंदोलन की वजह से पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर कई जगहों पर यातायात प्रभावित हुआ है। कोल्हापुर में किनी टोल प्लाजा के अलावा, किसानों ने सतारा जिले में नागठाणे के पास भी रास्ते जाम कर दिए हैं।
कोल्हापुर: पुणे-बेंगलुरु नेशनल हाईवे से किनी टोल नाका के पास गन्ना किसानों का प्रदर्शन जारी है। पूर्व सांसद राजू शेट्टी के नेतृत्व में चल रहे इस प्रदर्शन को दो दिन हो गए हैं लेकिन अब तक सरकार के किसी मंत्री या प्रतिनिधि ने प्रदर्शनकारियों से बात करके इसे खत्म करने की कोशिश नहीं की है। इधर ‘स्वाभिमानी शेतकरी संगठन’ ने चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार ने दखल देकर इस गतिरोध को खत्म नहीं किया, तो वे मुंबई और पुणे में दूध और सब्जियों की सप्लाई रोककर अपना विरोध और तेज कर सकते हैं।
पूर्व सांसद और संगठन के संस्थापक राजू शेट्टी के नेतृत्व में हजारों किसानों ने पुणे-बेंगलुरु नेशनल हाईवे पर किनी टोल प्लाजा के पास लगातार दूसरे दिन भी अपना अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। उनकी मांग है कि मौजूदा पेराई सीजन के दौरान मिलों को भेजे गए गन्ने के लिए उन्हें पहली किस्त के रूप में कम से कम 4,500 रुपये प्रति टन का भुगतान किया जाए।
किसानों की चेतावनी
सैकड़ों गन्ना किसान रात भर सड़क पर ही सो रहे हैं। इनमें राजू शेट्टी भी शामिल थे, जिन्होंने एक दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे मुंबई और पुणे को होने वाली दूध और सब्जियों की सप्लाई रोक देंगे।
हाइवे पर डायवर्जन
हाईवे पुलिस के अनुसार, कराड से कागल के बीच कई जगहों पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे परेशानी से बचने के लिए इन डायवर्जन का सख्ती से पालन करें। प्रदर्शन वाली जगह के दोनों तरफ ट्रक फंसे हुए हैं। ये डायवर्जन कराड, पुणे की तरफ पेठ नाका, और कोल्हापुर की तरफ सांगली फाटा, तोप, वाथर, कागल और उचगांव फाटा के पास किए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कोल्हापुर के जिला कलेक्टर विजय राठौड़ इस मामले में हस्तक्षेप कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने मिल मालिकों से एक प्रस्ताव मांगा है, जिसके तहत वे पहली किस्त के रूप में 3,800 से 3,900 रुपये प्रति टन और पेराई सीजन खत्म होने के बाद 150 से 200 रुपये प्रति टन का भुगतान करने को तैयार हो सकते हैं।
आज केंद्रीय टीम करेगी बातचीत
इस बीच, कर्नाटक का दौरा पूरा करने के बाद, विशेषज्ञ रमेश चंद के नेतृत्व वाली केंद्रीय टीम आज पुणे में शुगर कमिश्नर के कार्यालय में महाराष्ट्र के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा करेगी। इस पैनल को उद्योग जगत की उस मांग पर विचार करना है, जिसमें चीनी का MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो और इथेनॉल की खरीद कीमत बढ़ाकर 70 रुपये प्रति किलो करने की बात कही गई है, ताकि मिलें किसानों को समय पर भुगतान कर सकें।

2 नवंबर, सोमवार
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