
शहर के राजवाड़ा क्षेत्र में कपड़ा दुकान से डमी उठाने के बाद निगमकर्मियों और व्यापारियों के बीच जमकर बहस हुई। व्यापारियों ने निगमकर्मियों पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
नाराज व्यापारी अपनी शिकायत लेकर निगम मुख्यालय पहुंचे, जहां वे करीब ढाई घंटे तक धरने पर बैठे रहे। व्यापारियों ने पूरे मामले की शिकायत निगमायुक्त और अपर आयुक्त से की। अपर आयुक्त ने वीडियो के आधार पर जांच का आश्वासन दिया है।
दरअसल, बुधवार को नगर निगम की टीम ने राजवाड़ा क्षेत्र की एक कपड़ा दुकान में रखे डमी उठा लिए, जिससे मामला तूल पकड़ गया। व्यापारी एकजुट हो गए और निगमकर्मियों की इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई।
धीरे-धीरे विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। इसके बाद व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर नगर निगम मुख्यालय शिकायत करने पहुंच गए। व्यापारियों का आरोप था कि यह कार्रवाई बदले की भावना से की गई है।
ढाई घंटे तक धरने पर बैठे व्यापारी
इंदौर रिटेल गारमेंट्स व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि व्यापारी निगम मुख्यालय में करीब ढाई घंटे तक सांकेतिक धरने पर बैठे रहे। उन्होंने बताया कि निगमकर्मियों की इस हरकत की शिकायत निगमायुक्त और अपर आयुक्त लता अग्रवाल से की गई। व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पहले भी की गई थी शिकायत
अक्षय जैन ने बताया कि जिस व्यापारी की दुकान से डमी उठाई गई थी, उसने कुछ दिन पहले फुटपाथ पर लगने वाली दुकानों के खिलाफ नगर निगम में शिकायत की थी। इसके बाद, रिमूवल टीम ने बुधवार को दुकानों को चिह्नित कर शिकायतकर्ता की दुकान से जबरन डिस्प्ले (डमी) हटा लिया।
यह घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका फुटेज अपर आयुक्त लता अग्रवाल को सौंपा गया। व्यापारियों ने मांग की कि फुटपाथ पर अतिक्रमण न होने दिया जाए। उन्होंने विरोध स्वरूप अपनी दुकानें भी बंद कर दी थीं, लेकिन अधिकारियों की समझाइश के बाद दुकानों को फिर से खोल दिया गया।
व्यापारियों की शिकायत पर कर रहे जांच
अपर आयुक्त लता अग्रवाल ने बताया कि राजवाड़ा व्यापारी एसोसिएशन के प्रतिनिधि शिकायत लेकर आए थे। उनका कहना था कि निगमकर्मी धर्मेंद्र बेस ने व्यापारियों को पहचान कर चुनिंदा दुकानों से सामान निकाला। व्यापारियों ने इस संबंध में वीडियो भी दिखाए, जो मेयर और निगमायुक्त को भी भेजे गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सुपरवाइजर का तबादला एक नियमित प्रक्रिया है। हाल ही में यहां एक नया सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है। निगमायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि व्यापारियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाणों की जांच की जाए। बताया जा रहा है कि पूर्व सुपरवाइजर की जगह अब सहायक रिमूवल अधिकारी विनीत तिवारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
