
इंदौर में एसआई टी. इक्का पर हमला करने वाले आरोपितों के हाथ में नकली पट्टा बांधा गया था। मेडिकल जांच में पता चला कि वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। यह मामला इंदौर पुलिस(Indore Police) की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने जांच शुरू कर दी है।
इंदौर पुलिस की अजीबोगरीब हरकत, आरोपितों के हाथ में नकली पट्टा।
मेडिकल जांच में आरोपित पूरी तरह से स्वस्थ निकले, पुलिस की किरकिरी।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए।
इंदौर में एसआई टी. इक्का के हमलावरों ने पुलिस की पोल खोल दी। अफसरों की सख्ती की बात झूठ निकली। जिन आरोपितों के हाथ में पट्टा बांधा, वे तंदुरुस्त निकले। अब अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने जांच बैठा दी है। हमलावरों का टीआई सियारामसिंह गुर्जर ने जुलूस निकाला था। बाणगंगा थाना अंतर्गत भौंरासला पुलिस चौकी पर पदस्थ एसआई टी. इक्का पर विकास डाबी, अरविंद, रवि और विकास ने 5 फरवरी को हमला कर दिया था।
एसआई को नकली पुलिस बताया था
शराब के नशे में धुत आरोपितों ने एसआई को नकली पुलिस बताया और वसूली का आरोप लगाते हुए मारपीट कर दी। पुलिस ने विकास और रवि को पकड़कर जुलूस निकाला और दावा किया कि आरोपित पुलिस को चकमा देने के चक्कर में घायल हो गए।
जेल पहुंचे तो मेडिकल जांच में स्वस्थ मिले
आरोपितों के हाथ-पैर में पट्टा चढ़ा था और दोनों लंगड़ाते हुए चल रहे थे, लेकिन सेंट्रल जेल पहुंचे तो मेडिकल जांच में स्वस्थ निकले। अफसरों ने बताया न उनके हाथ में पट्टा है, न चोट के निशान।
लूट-चाकूबाजी के आरोपितों के हाथ-पैर में चढ़ता है प्लास्टर
पट्टा और प्लास्टर गंभीर अपराधों में लिप्त अपराधियों के हाथ-पैरों में ही नजर आता है। अपराधी वारदात कर फरार हो जाते हैं और पुलिस से बचने के चक्कर में खुद को जख्मी कर लेते हैं। एसआई से मारपीट का वीडियो प्रसारित होने पर पुलिस की किरकिरी हुई थी। अफसरों की नाराजगी के बाद आरोपितों का क्षेत्र में जुलूस निकाला गया। उनके हाथ-पैर में भी पट्टा चढ़ा था।
