
हंगामा हुआ तो बड़वाह से बुलवाकर बदलवाया शव। परिवार वालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप भी लगाया।
इंदौर। अरबिंदो अस्पताल में शव परिवार वालों को सौंपने के मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल के कर्मचारियों ने बड़वाह के रोहित की मृत्यु के बाद उसके परिजन को जम्बुड़ी के गुलाबसिंह का शव सौंप दिया। स्वजन शव लेकर बड़वाह रवाना भी हो गए। इधर गुलाबसिंह के परिजन उसका शव लेने अस्पताल पहुंचे तो कर्मचारियों ने रोहित का शव सौंप दिया। स्वजन ने आपत्ति ली और जमकर हंगामा किया। बाद में अस्पताल प्रबंधन ने बड़वाह से गुलाबसिंह का शव वापस बुलवाकर उसके स्वजन को सौंपा, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
जम्बुड़ी हातोद निवासी 26 वर्षीय गुलाबसिंह को डेंगू के लक्षणों के बाद अरबिंदो अस्पताल में भर्ती किया गया था। शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई। उसके भाई ने उसका शव मर्च्युरी में रखवा दिया। रविवार सुबह परिवार वाले गुलाबसिंह का शव लेने अस्पताल पहुंचे तो उन्हें वहां उसका शव नहीं मिला। हंगामा हुआ तो अस्पताल प्रबंधन ने रजिस्टर चेक किया। इसमें पता चला कि अस्पताल में बड़वाह के रोहित की भी मृत्यु हुई थी। रोहित के स्थान पर रोहित के स्वजन को गुलाबसिंह का शव सौंप दिया गया है।
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस
इधर गुलाबसिंह का शव नहीं मिलने से आक्रोशित परिजन ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिवार वालों ने डाक्टरों पर उपचार में लापरवाही का आरोप भी लगाया है। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बड़वाह में रोहित के स्वजन को फोन कर शव बदलने की बात बताई और गुलाबसिंह का शव वापस इंदौर बुलवाया। करीब डेढ घंटे चले हंगामे के बाद गुलाबसिंह का शव उसके परिजन को सौंपा जा सका।
शव की शिनाख्त करवा दी थी
हमने रोहित के परिवार वालों को शव सौंपने से पहले शव की शिनाख्त करवा दी थी। बाद में जब गुलाबसिंह के परिजन आए तो पता चला कि रोहित के परिजन गुलाबसिंह का शव ले गए हैं। अस्पताल की लापरवाही नहीं बल्कि रोहित के परिवार वालों की लापरवाही है। – राजीव सिंह, मैनेजर, अरबिंदो अस्पताल इंदौर

