
16 साल पुराना है मामला, विशेष न्यायालय ने प्रत्येक आरोपित पर 40-40 हजार रुपये हर्जाना भी लगाया। आरोपितों ने संगमत होकर वर्ष 2003 से 2007 के बीच करीब 16 करोड़ रुपये की कर चोरी की थी।
16 वर्ष पुराने 16 करोड़ रुपये की कर चोरी के मामले में सीबीआइ कोर्ट ने गुरुवार को सेंट्रल एक्साइज विभाग के तीन पूर्व निरीक्षक आशुतोष नाथ, मनोज चंद्रवंशी और कृष्ण गोपाल शर्मा सहित आठ आरोपितों को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपितों में कंपनी के दो डायरेक्टर, जनरल मैनेजर, मैनेजर भी शामिल हैं। सभी आरोपितों पर कोर्ट ने 40-40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। आरोपितों ने संगमत होकर वर्ष 2003 से 2007 के बीच करीब 16 करोड़ रुपये की कर चोरी की थी।
शिकायत मिली थी कि मैकाले फाइबर्स लिमिटेड नामक कंपनी द्वारा खुद को शत प्रतिशत निर्यात यूनिट (एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट) बताते हुए कर में छूट प्राप्त की गई है, लेकिन कंपनी विदेशों में माल भेजने के बजाय इसे देश में ही बेच रही है।
शिकायत की जांच के बाद सीबीआइ ने आरोपित मृगेंद्र पिता महादेव जालान, दीपक नागर, दोनों डायरेक्टर एमडी मैकाल फाइबर्स लिमिटेड, आशुतोष नाथ, मनोज चंद्रवंशी और कृष्ण गोपाल शर्मा तीनों तत्कालीन निरीक्षक और कंपनी के कर्मचारी अभिजीत सेन, बसंतीलाल श्रीवास्तव और राजीव दत्ता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। सीबीआइ के विशेष लोकअभियोजक गुरफान पठान ने प्रकरण में 34 गवाहों के बयान करवाए। विशेष न्यायाधीश सुधीर कुमार मिश्रा ने गुरुवार को फैसला सुनाया।
