
अप्रैल में लगातार पारा ऊपर जाने लगा है। गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने इंदौर के स्कूलों का समय बदल दिया है। रविवार को कलेक्टर इलैया राजा टी ने आदेश जारी कर दिया है। सोमवार से नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं सुबह 7 से दोपहर 12.30 बजे तक लगेंगी। आदेश सरकारी, निजी, अनुदान प्राप्त, सीबीएसई और आइसीएसई सहित सारे स्कूलों पर लागू होगा। अधिकारियों के मुताबिक, गर्मी बढ़ने की वजह से छात्र-छात्राओं की सेहत पर बुरा असर न पड़े, इसके लिए यह निर्णय लिया है।
बढ़ती गर्मी के बीच निजी स्कूल जहां दो शिफ्ट में विद्यार्थियों की कक्षाएं लगा रहे थे, वहीं सरकारी स्कूलों में सुबह 10 से शाम 4 बजे तक छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है। इस मुद्दे पर नईदुनिया ने रविवार को ‘जितनी बढ़ रही गर्मी, उतने ही निष्ठुर हो रहे स्कूल वाले’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर इलैया राजा टी ने रविवार दोपहर तीन बजे आदेश निकाला। छात्रहित के लिए स्कूलों का समय बदल दिया। नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7 बजे से दोपहर 12.30 बजे के बीच लगेंगी। कलेक्टर ने आदेश का पालन सोमवार से करने को कहा है। 24 से 29 अप्रैल तक कक्षाएं नए समय पर स्कूलों को लगाना होंगी
निजी स्कूलों ने पहले किया था इनकार
दरअसल, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता ने प्राचार्यों को समय बदलने की गुहार लगाई थी। यह मुद्दा कलेक्टर तक पहुंचा। इसके बाद कलेक्टर इलैया राजा टी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, सहोदय ग्रुप के सदस्यों, सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक बुलाई। जहां निजी स्कूलों ने समय बदलने से माना कर दिया और तर्क दिया कि स्कूलों में गर्मी से निपटने के लिए सारी सुविधाएं मौजूद हैं। जबकि हकीकत यह है कि स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है। वे एक शिफ्ट में कक्षाएं नहीं संचालित कर सकते हैं। निजी स्कूलों का पक्ष लेते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी मना कर दिया।
मूल्यांकन की व्यवस्था में बदलाव नहीं
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि स्कूलों में सिर्फ कक्षाओं का समय बदला गया है। बाकी शैक्षणिक गतिविधियां व मूल्यांकन से जुड़े कार्य पहले की तरह संचालित किए जाएंगे। उनमें किसी भी प्रकार का बदला नहीं किया है।

