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अयोध्या: रामलला के जन्मोत्सव का पहली बार लाइव प्रसारण, नया ट्रस्ट कर रहा विचार

अयोध्या में रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट करने की तैयारियां जोरों पर हैं. रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि नया अस्थाई भवन का विधिवत शुद्धिकरण नया ट्रस्ट वैदिक विद्वानों के द्वारा कराएगा.

Abhishek Raghuvanshi18 मार्च 2020 · 1 मिनट पढ़ें
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अयोध्या: रामलला के जन्मोत्सव का पहली बार लाइव प्रसारण, नया ट्रस्ट कर रहा विचार

अयोध्या में रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट करने की तैयारियां जोरों पर हैं.

रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि नया अस्थाई भवन का विधिवत शुद्धिकरण नया ट्रस्ट वैदिक विद्वानों के द्वारा कराएगा. रामलला को नए स्थान पर मंत्रोच्चार के साथ शिफ्ट किया जाएगा.

अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya) में 25 मार्च को रामलला को नए अस्थाई मंदिर में शिफ्ट किया जाना है. इसकी तैयारियां जोरों पर हैं. रामलला को शिफ्ट करने से पहले ट्रस्ट वैदिक ब्राह्मणों के द्वारा नए मंदिर का शुद्धिकरण कराएगा. 25 मार्च की सुबह रामलला नए मंदिर में विराजमान कराए जाएंगे. इस दौरान रामलला को पुराने वस्त्र में मंत्रोच्चार के साथ नए अस्थाई भवन में लाया जाएगा और फिर पूजन पाठ के साथ नए वस्त्र धारण कराए जाएंगे.

नवरात्र का प्रथम दिन होने की वजह से फलाहार व्यंजनों का रामलला को भोग लगेगा, जिसमें प्रमुख रूप से सिंघाड़ा और कूटू के आटे की पूड़ी, हलवा, खीर और मिष्ठान होंगे. रामलला के पक्ष में फैसला आने के बाद यह राम लला का पहला जन्मोत्सव है.

श्रद्धालुओं में रामलला की पोशाक सिलवाने की होड़
बता दें रामनवमी पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं. इस बार उत्साह सभी वर्गों में खास है क्योंकि रामलला का जन्मोत्सव फैसले के बाद प्रथम बार पढ़ रहा है. ऐसे में रामलला के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी ट्रस्ट और रामलला के प्रधान पुजारी कर रहे हैं. रामलला के लिए विशेष तरीके की वस्त्रों का सिलाया गया है. 25 मार्च की सुबह भगवा रंग की वस्त्र रामलला धारण करेंगे. जन्म उत्सव में भी विशेष तरीके की नई पोशाकें सिली जाएंगी. इस दरमियान ट्रस्ट और रामलला के पुजारी के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी रामलला की पोशाक सिलवाने के लिए रामलला के दर्जी से संपर्क भी किया है.ट्रस्ट कर रहा लाइव प्रसारण का विचार
उधर पूरे देश में करोना से हाहाकार मचा है तो अयोध्या में राम जन्म उत्सव की धूम मची है. रामलला को हर वर्ष से दोगुना भोग लगाने की तैयारी में रामलला के पुजारी हैं. इस बार 3 कुंटल पंजीरी, एक कुंटल पंचामृत मिष्ठान और फलों का रामलला के जन्म उत्सव पर भोग लगेगा. यह प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा. साथ ही रामलला के जन्मोत्सव का लाइव प्रसारण भी ट्रस्ट करने पर विचार कर रहा है.

लगेगा फलाहारी भोगरामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि नया अस्थाई भवन का विधिवत शुद्धिकरण नया ट्रस्ट वैदिक विद्वानों के द्वारा कराएगा. रामलला को नए स्थान पर मंत्रोच्चार के साथ शिफ्ट किया जाएगा. उसके बाद उनको नए वस्त्र धारण कराकर उन्हें विशेष फलाहारी व्यंजनों का भोग अर्पित कर स्वागत किया जाएगा. उन्होंने बताया कि राम जन्मोत्सव इस तरह से मनाया जाएगा, जैसे कि एक राजा का मनाया जाता है. पिछले साल की अपेक्षा आपकी वृहद रूप से मनाया जाएगा.

दर्जी बाबू लाल जुटे हैं पोशाक सिलने में
वहीं अयोध्या विवाद पर फैसले के बाद प्रफुल्लित रामलला के दर्जी बाबू लाल कहते हैं कि इस बार का जो पोशाक रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट करने पर भगवा रंग की विशेष पोशाक पहनाई जा रही है. श्रद्धा से ओतप्रोत रामलला के दर्जी ने कहा कि जन्मोत्सव पर भी विशेष तरीके की एक से बढ़कर एक पोशाके आई हैं. बड़ी दूर-दराज से श्रद्धालुओं ने भी रामलला के लिए पोशाके समर्पित की है लेकिन प्रशासन और स्थानीय पुजारी के द्वारा जो पोशाकें दी गई हैं, उसको सिलने का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है. 1985 से इस काम में उनके पिता लगे थे अब उनका सौभाग्य है कि राम लला के पोशाके सिल रहे हैं. रामलला उनके ठाकुर जी टेंट से ठाठ में जा रहे हैं.

हलवाई भी तैयारी में लगे
वहीं रामलला का जन्मोत्सव का भोग प्रसाद 50 वर्षों से बनाने वाले हलवाई ने बताया कि सौभाग्य है कि इतने लंबे समय से रामलला से जुड़े हैं. इसमें पैसे का कोई लेनादेना नहीं है. यह मेरा सौभाग्य है. उन्होंने बताया कि हर वर्ष रामलला के जन्मोत्सव पर सवा कुंटल पंजीरी का भोग रामलला को लगाया जाता था लेकिन अब इस बार 3 कुंटल पंजीरी और एक कुंटल चरणामृत का बनाने का आदेश मिला है. रामलला के जन्मोत्सव के दौरान बनने वाली पंजीरी के सिंघाड़ा खरीद करके उसको स्वतः साफ सफाई से पिसवा करके फिर देसी घी में भुज करके रामलला के लिए जन्मोत्सव की पंजीरी बनती है इस दरमियान पेड़ा मिष्ठान दूध और पंचमेवा का भी भोग रामलला को लगाया जाता है.

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First published: March 18, 2020, 3:11 PM IST

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