हाथ मलता रह गया ड्रैगन:त्रिंकोमाली में 99 ऑयल टैंक बनाने की डील करेंगे भारत-श्रीलंका, 16 महीने चली सीक्रेट बातचीत- जानिए ये क्यों खास
छोटे देशों को कर्ज के जाल में फंसाने की रणनीति या कहें साजिश अपनाने वाले चीन को भारत ने श्रीलंका में करारा जवाब दिया है। भारत और श्रीलंका अगले कुछ दिन में एक बेहद अहम समझौता करने जा रहे हैं।
छोटे देशों को कर्ज के जाल में फंसाने की रणनीति या कहें साजिश अपनाने वाले चीन को भारत ने श्रीलंका में करारा जवाब दिया है। भारत और श्रीलंका अगले कुछ दिन में एक बेहद अहम समझौता करने जा रहे हैं। भारत अब श्रीलंका में करीब 100 साल पुराने त्रिंकोमाली ऑयल फार्म को नए सिरे से बनाएगा। इस फार्म में 99 टैंक हैं। इस इलाके को ‘चाइना-बे’ यानी चीन की खाड़ी भी कहा जाता है। भारत ने बेहद सीक्रेट डिप्लोमैसी अपनाई और अब श्रीलंका के एनर्जी मिनिस्टर उदय गमनपिला और भारतीय विदेश मंत्रालय ने कन्फर्म कर दिया है कि कुछ ही दिन में भारत-श्रीलंका ऑयल टैंक फार्म डील पर दस्तखत करेंगे।
पहले मसला समझते हैं
श्रीलंका के नॉर्थ-ईस्ट में त्रिंकोमाली राज्य है। यहां 99 ऑयल टैंक्स का एक फार्म है। हर टैंक में 12 हजार किलोलीटर ऑयल स्टोर किया जा सकता है। दूसरे विश्व युद्ध के आसपास इसे ब्रिटेन ने बनवाया था। वक्त के साथ ये टैंक्स खराब हो चुके हैं। इन्हें नए सिरे से बनाने के लिए ही भारत-श्रीलंका डील करने करने जा रहे हैं। इसके लिए दोनों देश पिछले साल से बातचीत कर रहे थे। हालांकि, मीडिया में डीटेल्स ज्यादा नहीं आईं। खास बात यह है कि त्रिंकोमाली में चीन का एयरबेस भी है। इसका इस्तेमाल श्रीलंका की एयरफोर्स भी करती है। इस इलाके को ‘चाइना-बे’ कहा जाता है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने श्रीलंका की लंका इंडियन ऑयल कंपनी (LIOC) को मेंटेनेंस में मदद दी। LIOC साल 2003 से 15 टैंक्स संभाल रही है। ‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऑयल टैंक को तैयार करने पर करीब 20 लाख डॉलर खर्च आएगा। यह पैसा प्राईवेट सेक्टर से आएगा।
34 साल अटका मामला
1987 में भारत के तब के प्रधानमंत्री राजीव गांधी और श्रीलंकाई राष्ट्रपति जयवर्धने ने भारत-श्रीलंका अकॉर्ड पर दस्तखत किए थे। वास्तव में ऑयल टैंक फार्म डील इसी का हिस्सा था। श्रीलंका उस दौर में सिविल वॉर से जूझ रहा था। लिहाजा, इस पर काम नहीं हो पाया। इसके बाद श्रीलंका धीरे-धीरे चीनी कर्ज के जाल में फंसता गया। उसे अपना हम्बनटोटा पोर्ट तक 99 साल के लिए गिरवी रखना पड़ा। श्रीलंका में चीन की पैठ भारत के लिए बहुत बड़ा खतरा है, क्योंकि श्रीलंका और भारत की समुद्री सीमाएं काफी करीब हैं।
भारत के लिए त्रिंकोमाली क्यों अहम
‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरा त्रिंकोमाली राज्य और यहां के संसाधन भारत के लिए सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम हैं। यही वजह है कि भारत ऑयल टैंक फार्म डील करने के लिए ओपन और बैकडोर डिप्लोमैसी के जरिए पूरी शिद्दत से मेहनत कर रहा था। इसके जरिए भारत अब चीन के कब्जे में आ चुके हम्बनटोटा पोर्ट को काउंटर बैलेंस कर सकता है। मार्च 2015 में प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका दौरे पर गए थे। तब से इस मामले पर भारत सरकार एक्टिव थी। श्रीलंका और भारत दोनों ने ही पहले इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया था।
रिपोर्ट में भारत सरकार के सूत्रों के हवाले से कहा गया था- हम डील को हासिल करने के लिए हर कीमत देने को तैयार हैं, क्योंकि यह हमारे लिए बेहद अहम है।
रिश्तों की राह आसान नहीं
भारत और श्रीलंका के रिश्ते बेहतर नहीं रहे, जितने होने चाहिए थे। इसकी वजह चीन की श्रीलंका में गहरी दखलंदाजी और वहां के धार्मिक समीकरण हैं। श्रीलंका में सिंहली समुदाय बहुसंख्यक और तमिल अल्पसंख्यक। कुछ सिंहली नेता त्रिंकोमाली ऑयल टैंक फार्म मामले में भारत से समझौते का विरोध कर चुके हैं। चीन इस विरोध को हवा देता है। बहरहाल, तमाम दिक्कतों के बावजूद भारत और श्रीलंका यह डील करने जा रहे हैं।
चीन और श्रीलंका में तनाव
श्रीलंका और चीन के संबंधों में करीब एक साल से तनाव चल रहा है। चीन को उम्मीद थी कि राजपक्षे भाईयों की सरकार उन्हें हर तरह से फ्री हैंड देगी। बहरहाल, चीन को वो सुविधाएं नहीं मिल पाईं जो वो चाहता था। इसकी वजह श्रीलंका की सियासत भी है।
बिल्कुल, ताजा विवाद नवंबर में शुरू हुआ। श्रीलंका ने चीन से 49.7 लाख डॉलर (करीब 3,700 करोड़ रुपए) में 99 हजार टन का जैविक खाद खरीद समझौता किया। 20 हजार टन की पहली खेप जब श्रीलंका पहुंची तो वहां के खाद्य मंत्रालय ने इसे घटिया और फसलों के लिए खतरनाक बताते हुए रिजेक्ट कर दिया। एक कोर्ट ने पेमेंट रोक दिया। जवाब में चीन ने श्रीलंका की एक बैंक को ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसी बैंक को कन्साइनमेंट की पेमेंट करनी थी। खास बात यह है कि चीन इसी तरह का खाद अमेरिका समेत करीब 50 देशों को बेचता है। ये देश भी खाद की खरीद रोक सकते हैं। इससे चीन को भारी नुकसान हो सकता है।

28 सितंबर, सोमवार
ePaper पढ़ें
Indoreनवरात्रि में बाबा बाल हनुमान सेवा समिति का भव्य कन्या पाद पूजन का आयोजन 3 दिन पहले
MadhyaPradeshप्रदेश में मोरों के संरक्षण और पुनर्वास की नयी परियोजना शुरू होगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 दिन पहले
MadhyaPradeshमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के विभिन्न गरबा आयोजनों में सहभागिता की 3 दिन पहले
India Newsट्रम्प ने रूस तेल पर 60 दिन की छूट, भारत पर क्या असर 3 दिन पहले
MadhyaPradeshउज्जैन में शिप्रा किनारे महामंडलेश्वर का आलीशान होटल जमींदोज, अभी दो दर्जन मंदिर रडार पर 3 दिन पहले
Bhopalसीएम डॉ. मोहन का निवेश पर जोर, कहा- हर दृष्टि से मध्यप्रदेश में इंवेस्टमेंट देगा लाभ 3 दिन पहले
India Newsगलती हो गई लिखकर पूरी की हत्या की विवेचना, 7 साल बाद सबूतों के अभाव में मुख्य आरोपी बरी; कोर्ट ने डीजीपी और कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट 3 दिन पहले
Indore“विशाल चुनरी यात्रा” में उमड़ा जनसैलाब.. 3 दिन पहले
MadhyaPradeshमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण 5 दिन पहले
MadhyaPradeshऔद्योगिक विकास को गति देने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 दिन पहले
MadhyaPradeshमध्यप्रदेश पुलिस की वाहन चोरों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई 5 दिन पहले
MadhyaPradeshनरेला में दशहरा उत्सव की तैयारियों का मंत्री श्री सारंग ने लिया जायजा 5 दिन पहले
Indoreबेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ संकल्प के साथ षष्ठम (छठा) दिवस पर कन्याओं का पाद पूजन 6 दिन पहले
Indoreइंदौर में हुआ ‘द मैन बिहाइंड द वर्डिक्ट’; उज्ज्वल निकम बोले, “सच के साथ साहस से लड़ना भी राष्ट्रभक्ति है!” 6 दिन पहले
Indoreबढ़ते इंदौर को पानी की चिंता से राहत देने की बड़ी तैयारी, 2055 तक के पानी की समस्या होगी दूर 6 दिन पहले
MadhyaPradeshमध्यप्रदेश पुलिस की अवैध गांजे की खेती पर बड़ी कार्रवाई 6 दिन पहले
MadhyaPradeshमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल स्किल पार्क के अंतर्राष्ट्रीय प्लेसमेंट प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों को दी बधाई 7 दिन पहले
MadhyaPradeshमेधावी विद्यार्थियों की शिक्षा में बाधा ना बने आर्थिक अभाव : श्रीमती ए. श्रीजा 7 दिन पहले
Delhiसुप्रीम कोर्ट की राहुल गांधी और अखिलेश यादव को नोटिस, 12 अक्टूबर के मार्च पर मांगा जवाब 7 दिन पहले
Indoreछोटा गणपति मंदिर मेट्रो स्टेशन के लिए एक और बड़ा एक्शन 7 दिन पहले
MadhyaPradeshसैनिकों के पुनर्वास और कौशल विकास में क्रिस्प की भूमिका सराहनीय : सुकृति लिखी 7 दिन पहले
MadhyaPradeshराज्य सरकार सच्चा वादा-पक्का काम के भाव से जनकल्याण के सभी वादे कर रही पूरे 7 दिन पहले
Bhopalकम बारिश से जल आपूर्ति हेतु इंदौर के लिए महापौर ने सीएम से मांगा ₹50 करोड़ का पैकेज 7 दिन पहले
India Newsकॉमनवेल्थ के वैश्विक मंच पर गूंजेगी इंदौर की आवाज, महापौर भार्गव स्टीयरिंग कमेटी में शामिल 7 दिन पहले
