औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव रोकने एवं वृक्षारोपण हेतु विशेष अभियान

मानसून के मद्देनजर मध्यप्रदेश इण्डस्ट्रीयल डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा सभी औद्योगिक क्षेत्रों जैसे कि पीथमपुर सेक्टर-1 से 6, एस.ई. जेड़, स्मार्ट इण्डस्ट्रीयल पार्क, मेघनगर, निमरानी, जेतापुर, हातोद आदि में व्यापक स्तर पर पूर्व तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या से बचाव एवं सुचारु जल निकासी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों की सफाई हेतु विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इस कार्य के लिए लगभग रूपये 70 लाख का बजट आवंटित किया गया है। साथ ही एमपीआईडीसी रिक्त भूमि का चयन कर रहा है, जो कि वर्षा ऋतु में उद्योगों को वृक्षारोपण हेतु अस्थाई रूप से प्रदान की जायेगी।
एमपीआईडीसी द्वारा मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को भी पत्र जारी कर मानसून पूर्व विद्युत लाइनों एवं संबंधित अधोसंरचना का आवश्यक रखरखाव सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है, ताकि औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनी रहे तथा विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ड्रेनों में कचरा फेंककर जल निकासी बाधित करने के मामलों में सख्ती बरतते हुए एमपीआईडीसी ने तीन उद्योग संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस प्रकार की गतिविधियां जलभराव एवं पर्यावरणीय समस्याओं का कारण बनती हैं तथा इनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति ने सभी उद्योगों से अपील की है कि ड्रेनों की सफाई के उपरांत उनमें किसी भी प्रकार का कचरा या अपशिष्ट न डालें तथा जल प्रवाह में आने वाली बाधाओं को स्वयं भी हटाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए उद्योगों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है तथा सभी के सामूहिक प्रयासों से मानसून के दौरान बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
उद्योग एमपीआईडीसी में आवेदन प्रस्तुत कर वृक्षारोपण हेतु अस्थाई भूमि प्राप्त कर सकते है जो कि नियमानुसार कार्यकारी संचालक द्वारा आवंटित की जायेगी।
