
आसाराम के बेटे नारायण साईं के पूर्व निजी सचिव महेन्द्र चावला ने बताया कि साईं ने कई महिलाओं का यौन शोषण किया. आसाराम और साईं के खिलाफ गवाही देने के बाद 13 मई 2015 को हरियाणा के आवास में उन पर हमला हुआ.
चावला को साईं के आचरण के बारे में पहले-पहल उसके ड्राईवर से पता चला. ड्राईवर से उनकी दोस्ती हो गई थी, “एक दिन साईं के ड्राईवर ने बड़े भारी मन से मुझे बताया कि ये साईं, वैसा संत नहीं है जैसा हम सोचते हैं कि वह है.” चावला ने आगे कहा, “उसने मुझे बताया कि साईं सफर पर हों या आश्रम में, सबके सोने के बाद वे मुझे अलग-अलग औरतें लाने के लिए कहते हैं.” ड्राईवर ने कहा कि उसे यह सब करना अच्छा नहीं लगता. साईं इन औरतों को बराबर गालियां देता और उनके साथ बलात्कार करता, ड्राईवर ने बताया. “कुछ हफ्तों बाद, हम साईं के प्रवचनों के लिए, ठाणे के येऊर गांव में थे,” चावला ने कहा. वह गांव के फार्महाउस में ठहरा हुआ था. ड्राईवर ने मुझे दिखाया कि साईं, महिला भक्त का यौन शोषण कर रहा था.
उसके बाद ऐसी कई घटनाएं उन्होंने अपनी आंखों से देखीं, “ड्राईवर लड़कियां लेके आता और उजाला होने से पहले उन्हें छोड़ आता. कभी-कभी तो रात के दो या तीन बजे भी,” उन्होंने कहा. सभी लड़कियां आसाराम और साईं की भक्त होतीं, जिनका पहले दिमाग फेरा जाता और फिर उनका यौन शोषण किया जाता.
इस ब्रेनवॉशिंग में अक्सर हिन्दू पौराणिक कथाओं का इस्तेमाल होता था, जिसे उन्होंने कोर्ट को भी बताया है. “साईं इन महिलाओं से कहते थे, वे भगवान कृष्ण हैं…वे कहते कि पिछले जन्म में वे गोपियां हुआ करती थीं और साईं उनके भगवान कृष्ण. और चूंकि वे उन्हें अंतिम तौर पर मोक्ष नहीं दिलवा सके इसलिए उनका पुनर्जन्म हुआ है. वे उन औरतों को यकीन दिलवा देते थे कि वे असल में उनका दैहिक शोषण नहीं, बल्कि उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं; और, उन्हें इस संसार के कष्टों से सदा के लिए मुक्ति दिलवा रहे हैं.”
चावला ने 2005 में आसाराम की चाकरी छोड़ दी और आश्रमों से दूर एक सामान्य जीवन जीने का प्रयास किया. लेकिन जब 2008 में मोटेरा का मामला सामने आया तो जो कुछ उन्होंने अपनी आँखों से देखा था उसे कोर्ट को बताने का फैसला किया. हाल ही में गुजरात हाईकोर्ट ने आसाराम को 6 महीने की अंतरिम जमानत दी है.
