बीटेक का छात्र युवाओं और कई कैफे को बेच रहा था अफीम, डर कहीं चाय में भी गड़बड़ तो नहीं

By Abhishek Raghuvanshi
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पिता नीमच में लाइसेंस लेकर करते हैं अफीम की खेती, ये वहीं से चुराता था
इंदौर के जूनी इंदौर इलाके में पुलिस ने एक लाख रुपए की अफीम के साथ बीटेक (कम्प्यूटर साइंस) के छात्र को गिरफ्तार किया है। अपने कैफे के घाटे की भरपाई के लिए वह नीमच स्थित पिता के खेत से अफीम चुराकर शहर के युवाओं और कैफे संचालकों को बेच रहा था।
जूनी इंदौर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेलवे पटरी के किनारे एक युवक अफीम बेचने की फिराक में घूम रहा है। टीम ने घेराबंदी कर युवक को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान गोविंद (20) पिता बगदीराम पाटीदार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से नीमच जिले के ग्राम सेमली जागीर (तहसील मनासा) का रहने वाला है। तलाशी में उसके पास से 518 ग्राम अफीम मिली है।
गोविंद वर्तमान में तेजाजी नगर इलाके की जोशी कॉलोनी में किराए से रहता है और बायपास स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी से बीटेक थर्ड ईयर कर रहा है। उसके पिता बगदीराम पाटीदार नीमच में किसान हैं। उनके पास 14 बीघा जमीन है, जिसमें से 10 आरे में वे लाइसेंस लेकर अफीम की खेती करते हैं। गोविंद यहीं से अफीम चुराकर इंदौर लाता था। एसीपी जूनी इंदौर विजय चौधरी ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए बस्तियों और चाय-पान दुकानों पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है। इसी दौरान यह तस्कर हत्थे चढ़ा। गोविंद से पूछताछ में शहर के कैफे कल्चर का एक डरावना सच सामने आया है। उसने कुबूल किया है कि उसकी अफीम शहर के कई कैफे और चाय वाले भी खरीदते थे।
कैफे चलाता था, नुकसान हुआ तो करने लगा तस्करी
गोविंद ने कुछ महीने पहले ही तेजाजी नगर इलाके में द रॉयल कैफे खोला था। इसमें उसे काफी नुकसान झेलना पड़ा। एक महीने पहले कैफे बंद करने की नौबत आ गई। इस की भरपाई के लिए उसने अफीम तस्करी का शॉर्टकट चुना। उसने न सिर्फ जूनी इंदौर की बस्तियों में अपना नेटवर्क बनाया, बल्कि कॉलेज में भी डिमांड आने पर साथ पढ़ने वाले छात्रों को अफीम की डिलीवरी देने लगा था।
पूछताछ में यह भी पता चला कि कई कैफे और चाय वाले अपनी दुकान की आड़ में सीधे तौर पर अफीम का व्यापार कर रहे हैं। युवाओं को अफीम का आदी बनाने के लिए ये लोग चाय और कॉफी के पानी में अफीम का पानी मिला रहे हैं। अनजाने में नशे की लत लगने के बाद युवा बार-बार उन्हीं कैफे पर जाते हैं। इससे तस्करों और कैफे संचालकों को मोटा मुनाफा हो रहा था। पुलिस की स्पेशल टीम अब इस एंगल पर गहराई से जांच कर रही है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि कॉलेज और बस्तियों में इसके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

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