
इंदौर में अपर आयुक्त कोर्ट के एक कथित फर्जी आदेश के आधार पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश का मामला सामने आया है। मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार सुपरस्टन रियलिटी के डायरेक्टर अंकित जैन की ओर से अधिवक्ता आशीष अग्रवाल ने कब्जा दिलाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। मामले में तैयार किए गए आदेश और उसकी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
खबर के अनुसार आशीष अग्रवाल ने अपनी साथी अधिवक्ता कीर्ति दुबे से कहा था कि उनकी सहयोगी अस्पताल में हैं, इसलिए वे कलेक्टोरेट नहीं जा पाएंगी। आरोप है कि इसके बाद आशीष अग्रवाल ने आदेश स्वयं तैयार किया, उस पर फर्जी हस्ताक्षर किए और उसकी प्रति तहसील कार्यालय में प्रस्तुत कर दी। इसी आदेश के आधार पर जमीन पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।
आशीष अग्रवाल ने कथन में स्वीकार किया कि उनके द्वारा अधिवक्ता कीर्ति दुबे को कभी भी आदेश की कोई प्रति नहीं दी गई थी। यह भी सामने आया कि अधिवक्ता कीर्ति दुबे को आदेश के फर्जी होने की जानकारी नहीं थी और वे इस प्रकरण की किसी कार्यवाही में शामिल नहीं थीं। इस कारण साथी अधिवक्ता को वास्तविक स्थिति से अनजान रखे जाने का भी आरोप लगा है।
अब जांच में कथित आदेश की तैयारी व आदेश पर लगाई गई सील व उस पर किए गए हस्ताक्षर , तहसील कार्यालय में प्रस्तुत की गई प्रति और कब्जा दिलाने के आवेदन से जुड़े दस्तावेजों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मामले में अंतिम निष्कर्ष दस्तावेजों की जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद सामने आएगा।

