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इंदौर में इंसुलिन का ओवरडोज लेकर महिला डॉक्टर ने की आत्महत्या की कोशिश, सीनियरों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

एमटीएच अस्पताल में पदस्थ पीजी प्रथम वर्ष की डॉक्टर ने इंसुलिन का ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार चल रहा है। डॉक्टर की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

इंदौर में इंसुलिन का ओवरडोज लेकर महिला डॉक्टर ने की आत्महत्या की कोशिश, सीनियरों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

एमटीएच अस्पताल में पदस्थ पीजी प्रथम वर्ष की डॉक्टर ने इंसुलिन का ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार चल रहा है। डॉक्टर की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। उसने अस्पताल के कुछ सीनियर डॉक्टरों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। संयोगितागंज पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार सागर के गोपालगंज निवासी सिम्मी यादव एमबीबीएस के बाद पीजी प्रथम वर्ष में अध्ययनरत है। फिलहाल उसकी ड्यूटी एमटीएच अस्पताल के गायनिक विभाग में है। वह एमजीएम के गर्ल्स हास्टल में अपनी मां रेखा यादव के साथ रहती है। शनिवार सुबह ड्यूटी के लिए निकलने से पहले उसने होस्टल के कमरे में इंसुलिन का ओवरडोज ले लिया। हालत बिगड़ने पर डॉक्टर, मेडिकल छात्रों और हास्टल प्रबंधन ने उसे एमवाय अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल पांचवीं मंजिल स्थित वार्ड नंबर 27 में उसका उपचार चल रहा है।
पहले 36 घंटे की ड्यूटी का आरोप
पुलिस को दिए बयान में सिम्मी ने आरोप लगाया कि एमटीएच में शुरुआत में उससे लगातार 36 घंटे तक ड्यूटी कराई गई। इससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। आपत्ति लेने के बाद ड्यूटी 12 घंटे कर दी गई, लेकिन उसके अनुसार इसके बाद भी उसे अलग-अलग तरीकों से परेशान किया जाता रहा।
कुछ लोग एक गुट बनाकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे
सिम्मी ने आरोप लगाया कि डॉ. यशस्वी, डॉ. निकिता गुरबानी, डॉ. श्वेता और राजवीर सहित कुछ लोग एक गुट बनाकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे। उसका दावा है कि उसे एमवाय अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. निकिता ने पत्र लिखकर अन्य लोगों से सामूहिक हस्ताक्षर करवाना शुरू कर दिया था। इसकी डॉ. सिम्मी द्वारा अस्पताल प्रभारी अनुपमा दवे को मौखिक शिकायत भी की थी।
पुलिस का कहना है कि डॉक्टर के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। आत्महत्या की कोशिश के पीछे लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
डॉ. अनुपमा के मुताबिक सिम्मी को दो बार समझाइश दी गई थी। उससे आश्वस्त किया था कि दोबारा परेशान करने पर वह तुरंत सूचित करें। लेकिन इस बार उसने कोई शिकायत ही नहीं की।

Abhishek Raghuvanshi
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