सात वर्षीय बच्ची को शतरंज सिखाने के दौरान उसके साथ आपत्तिजनक हरकत करने वाले 55 वर्षीय शतरंज शिक्षक को जिला कोर्ट ने पांच साल कारावास और 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
फरियादी ने सात वर्षीय बेटी को शतरंज सिखाने के लिए आरोपित ओमप्रकाश मंडलोई को शिक्षक के रूप में नियुक्त किया था। इसके कुछ दिन बाद बच्ची के व्यवहार में बदलाव नजर आने लगा। वह गुमसुम रहने लगी।
9 अक्टूबर 2025 को स्वजन ने उसके इसकी वजह पूछी तो बच्ची ने रोते हुए बताया कि शतरंज सिखाने वाले सर उसे बैड टच करते हैं। वह बार-बार ऐसा करने की कोशिश करते हैं। 11 अक्टूबर को पलासिया पुलिस थाने में आरोपित के खिलाफ विरुद्ध शिकायत की गई।
पुलिस ने इस पर कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। अभियोजन ने पांच गवाहों के बयान दर्ज कराए। कोर्ट ने आरोपित को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
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