कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए विवादित बयान के बाद विजय शाह का लगातार विरोध हो रहा है। जहां विपक्ष उनके खिलाफ जमकर हमलावर है, वहीं खुद पार्टी के अंदर भी वे आलोचना का शिकार हुए हैं। उनके खिलाफ बुधवार को रात 12 बजे के पहले एफआईआर दर्ज हो ही गई। यह केस महू के मानपुर थाने में दर्ज किया गया।
कर्नल सोफिया कुरैशी पर की थी विवादित टिप्पणी।
बयान के बाद मध्य प्रदेश में मचा सियासी हंगामा।
कांग्रेस ने प्रदेश भर में किया जमकर विरोध प्रदर्शन।
इंदौर। मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह पर आखिर बुधवार को रात 12 बजे के पहले एफआईआर दर्ज हो ही गई। यह केस महू के मानपुर थाने में दर्ज किया गया। इसमें उन सभी धाराओं का उल्लेख है जिनके बारे में कोर्ट ने कहा था। इससे पहले आज दिन में हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सख्ती दिखाई थी और कहा था कि आज ही केस दर्ज किया जाए। मालूम हो कि कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए विवादित बयान के बाद विजय शाह का लगातार विरोध हो रहा है। जहां विपक्ष उनके खिलाफ जमकर हमलावर है, वहीं खुद पार्टी के अंदर भी वे आलोचना का शिकार हुए हैं। विजय शाह के खिलाफ कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर उनकी बर्खास्तगी की मांग की।
मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर की नायिका कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में बुधवार देर रात करीब 11 बजे इंदौर के महू तहसील क्षेत्र स्थित थाना मानपुर में एफआईआर दर्ज कर ली गई।
यह एफआईआर जबलपुर हाई कोर्ट के आदेश पर शासन की ओर से दर्ज की गई है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 152, 196(1)(ख) और 197(1)(ग) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है।
इस दौरान एसपी हितिका वासल और एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी भी थाने में मौजूद रहे। इससे पहले सुबह हाई कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला लेकर इस मामले का स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई की थी।
इसमें हाई कोर्ट ने बयान की निंदा करते हुए विजय शाह के विरुद्ध तत्काल एफआईआर का आदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को दिए थे।
न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने स्पष्ट किया कि बुधवार को हर हाल में एफआइआर हो जानी चाहिए, अन्यथा गुरुवार सुबह डीजीपी के विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई होगी।
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि विजय शाह की टिप्पणी अलगाववादी गतिविधियों की भावनाओं को प्रोत्साहित करने या भारत की संप्रभुता और एकता व अखंडता को खतरे में डालने वाली है।
सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने महाधिवक्ता कार्यालय को आदेश दिया कि इसकी प्रति अविलंब डीजीपी को भेजें। ऐसा इसलिए ताकि निर्देश का पालन संभव हो।
कोर्ट ने 15 मई (गुरुवार) को मामला टाॅप आफ द लिस्ट सुनवाई के लिए रखा है। रजिस्ट्रार (आईटी) से अपेक्षा की है कि विजय शाह ने महिला सैन्य अधिकारी के विरुद्ध जो बयान दिया है, उसकी वीडियो लिंक एकत्र कर कोर्ट के पटल पर रखें।
राज्य की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने सरकार से दिशा-निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिए जाने पर बल दिया, किंतु कोर्ट ने समय नहीं दिया।
बता दें, विजय शाह ने सोमवार को महू विधानसभा क्षेत्र के मानपुर थाना क्षेत्र स्थित रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम न लेते हुए उन्हें पाकिस्तानी आतंकियों की बहन बता दिया था।
प्रदेश भाजपा ने केंद्रीय नेतृत्व को भेजी रिपोर्ट इस पूरे मामले को लेकर मध्य प्रदेश भाजपा इकाई की ओर से बुधवार को विस्तृत रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेज दी गई।
इसमें पूरे घटनाक्रम के साथ उनके द्वारा दी गई सफाई का विस्तृत ब्योरा दिया गया। अब पार्टी अध्यक्ष संगठन महामंत्री बीएल संतोष से चर्चा के बाद विजय शाह के राजनीतिक भाग्य का निर्णय करेंगे।
उल्लेखनीय है कि पार्टी ने विजय शाह के बयान को गंभीरता से लिया है। उन्हें मंगलवार को संगठन महामंत्री हितानंद और प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने तलब करके कड़ी फटकार लगाते हुए दो-टूक कह दिया था कि तत्काल माफी मांगो या फिर पार्टी से बाहर जाओ।
इसके बाद विजय शाह ने मीडिया से कहा था कि दुखी मन से भाषण देते हुए कोई बात निकल गई तो मैं उसके लिए 10 बार माफी मांगता हूं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने बुधवार को फिर कहा कि भाजपा का नेतृत्व बहुत ही गंभीर और संवेदनशील है। यदि इस प्रकार की कोई भी घटना होती है तो पार्टी उस पर उचित बातचीत करती है।
मुख्यमंत्री बोले- हाई कोर्ट के आदेश का अक्षरश: पालन होगा
बेंगलुरु से बुधवार देर शाम को भोपाल लौटे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आवास पर डीजीपी कैलाश मकवाना व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश का अक्षरश: पालन करते हुए कानून सम्मत कार्रवाई की जाए।
इसके थोड़ी देर बाद मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद और प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भी इस मामले में चर्चा की।
पिता बोले- सोफिया देश की बेटी, उसका अपमान देश और सेना का अपमान
विजय शाह की अनर्गल टिप्पणी पर सोफिया के पिता व अन्य स्वजन ने नाराजगी जताई है।
गुजरात के वडोदरा में रह रहे कर्नल सोफिया के पिता सूबेदार मेजर ताज मोहम्मद कुरैशी ने नईदुनिया से फोन पर चर्चा में कहा कि कर्नल सोफिया देश की बेटी है।
उसका अपमान करना देश और भारतीय सेना का अपमान करना है।
जिस तरह की टिप्पणी मंत्रीजी ने की है वह ठीक नहीं है। मैं ऐसे लोगों को भारतीय भी नहीं मानता।
उल्लेखनीय है कि कर्नल सोफिया की कक्षा एक से तीन तक की शिक्षा छतरपुर के नौगांव के जीडीसी स्कूल में हुई है।
वहां रहने वाले उनके ममेरे भाई सुलेमान ने बताया कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने उन्हें फोन कर इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री बोले- कानून सम्मत कार्रवाई होगी
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर अनर्गल बयान के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश का अक्षरशः पालन होगा।
उन्होंने विधि सम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। बेंगलुरु से लौटते ही मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा सहित वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले और हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी ली।
कुछ देर बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद पहुंचे। तीनों के बीच इस पूरे मामले को लेकर विचार विमर्श हुआ।
मंत्री विजय शाह की टिप्पणी अपमानजनक और खतरनाक: हाई कोर्ट
हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन व न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ीं कर्नल सोफिया कुरैशी पर प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा अभद्र, आपत्तिजनक व अनर्गल टिप्पणी के मामले को स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई करते हुए कड़ी टिप्पणी की।
हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि संभवत: सशस्त्र सेना देश में मौजूद आखिरी संस्था है, जो ईमानदारी, अनुशासन, त्याग, नि:स्वार्थता, चरित्र, सम्मान और अदम्य साहस को दर्शाती है। देश का कोई भी नागरिक खुद उन्हें पहचान सकता है।
मंत्री विजय शाह ने आमसभा में कर्नल सोफिया कुरैशी की गरिमा के विरुद्ध अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया है।
कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ, मीडिया और राष्ट्र को पाकिस्तान के विरुद्ध भारतीय सेना द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की प्रगति के बारे में जानकारी देने वाले सशस्त्र बलों का चेहरा थीं।
मंत्री ने कर्नल सोफिया कुरैशी के विरुद्ध एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी की, जो किसी और के लिए नहीं बल्कि उनके लिए ही हो सकती है।
हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि सार्वजनिक समारोह में मंत्री विजय शाह ने बेहद लापरवाही भरे लहजे में कर्नल सोफिया कुरैशी को पहलगाम में 26 निर्दोष भारतीयों की हत्या करने वाले आतंकवादियों की बहन बताया है।
मीडिया रिपोर्ट और इंटरनेट पर उपलब्ध डिजिटल सामग्री में उपलब्ध मंत्री के भाषण उपलब्ध हैं, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आतंकवादियों की बहन को उन्हें सुलझाने के लिए भेजने की बात कही है।
उनकी यह टिप्पणी संबंधित अधिकारी के लिए ही नहीं बल्कि सशस्त्र बलों के लिए भी अपमानजनक और खतरनाक है। जिन धाराओं में एफआइआर, उनमें से एक में उम्रकैद का प्रविधान : हाई कोर्ट ने मंत्री के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196(1)(बी) और 197(1)(सी) के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
धारा 152 भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य के लिए है। इसमें उम्रकैद या सात साल तक के कारावास के दंड का प्रविधान है।
धारा 196 (1)(बी) के तहत धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न लोगों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना है।
इसमें पांच वर्ष के कारावास का प्रावधान है, जबकि धारा-197(1)(सी) के अंतर्गत तीन वर्ष के कारावास तीन वर्ष के कारावास की प्रावधान है।
उमा भारती बोलीं- विजय शाह को मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए
कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर अनर्गल बयान देने पर विजय शाह को मंत्री पद से बर्खास्त करने और उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग विपक्षी दल ही नहीं, सत्ताधारी भाजपा की नेत्री उमा भारती ने भी की है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा ने बुधवार को एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा कि विजय शाह ने देशवासियों को लज्जित किया है, इसलिए मंत्री पद से उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए
जीतू पटवारी ने भोपाल में दिया शिकायती आवेदन
भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेसियों ने एफआईआर के लिए शिकायती पत्र दिया था।
इसमें कहा गया है कि विजय शाह का बयान केवल कर्नल सोफिया कुरैशी का अपमान नहीं है, बल्कि यह भारतीय सेना, देश की एकता और नारी सम्मान पर सीधा हमला है।
इससे भाजपा की महिलाओं और सेना के सम्मान के खिलाफ मानसिकता सामने आ गई। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने विजय शाह का पुतला फूंका।
उधर, कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा कि हाई कोर्ट ने मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर शर्मनाक संबोधन के संबंध में स्वयं संज्ञान लिया और पुलिस महानिदेशक को एफआईआर करने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री ऐसे निरंकुश मंत्री को बर्खास्त करें या फिर त्यागपत्र लें। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाई कोर्ट द्वारा मंत्री विजय शाह के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पर कहा कि मुख्यमंत्री इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चुप क्यों हैं।
