जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इंदौर जिले के 14 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (12 शासकीय आयुर्वेद, एक होम्योपैथिक एवं एम यूनानी औषधालय) में “सामान्य नेत्ररोग एवं नाक-कान-गला संबंधित देखभाल” विषय पर विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य ग्रामीण जनसामान्य को नेत्र व ऊर्ध्वजत्रगत (नाक, कान, गला) रोगों के प्रति जागरूक करना एवं प्रारंभिक अवस्था में रोगों की पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना था। शिविर में उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा अश्रुपात, नेत्रों की लालिमा, धुंधलापन, मोतियाबिंद जैसे सामान्य नेत्र रोगों की जानकारी दी गई तथा समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित किया गया। इसी प्रकार कान से संबंधित समस्याओं जैसे कर्णबधिरता, कर्णनाद, कर्णगुथ आदि की जांच कर नि:शुल्क औषधियों का वितरण किया गया।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. हंसा बारिया ने बताया कि लाभार्थियों को प्राणायाम, त्राटक, भ्रामरी आदि योग क्रियाएं कराई गईं एवं नस्य कर्म की उपयोगिता समझाई गई। जल नेति, सूत्र नेति जैसी प्रक्रियाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।
शिविर में गाजर जैसे प्राकृतिक आहार के नेत्र स्वास्थ्य में लाभ के बारे में बताया गया। साथ ही बरसात के मौसम में नेत्र रोगों से बचाव तथा बच्चों को मोबाइल, टीवी, लैपटॉप के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए गए। इस अवसर पर कुल 778 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया एवं उन्हें नि:शुल्क औषधि वितरित की गई। शिविर का संचालन चिकित्साधिकारी, सीएएमओ, कंपाउंडर, दवासाज एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम द्वारा किया गया।
