पहली बार 7 थाना क्षेत्रों में एआई से रात्रि गश्त:लूट, नकबजनी, चोरी में 30% कमी का दावा; गश्ती टीम फील्ड में घूम रही या नहीं, इस पर भी हो रही निगरानी

By Abhishek Raghuvanshi
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शहर में अपराधों पर नियंत्रण के लिए इंदौर पुलिस ने पहली बार एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक का इस्तेमाल किया है। एआई की मदद से रात्रि गश्त का प्लान तैयार कर फिलहाल डीसीपी जोन-2 के 7 थाना क्षेत्रों में लागू किया गया है। तीन महीने के आंकड़ों के आधार पर पुलिस का दावा है कि रात के समय होने वाले अपराधों में 30 प्रतिशत की कमी आई है। गश्ती का यह प्लान 13 अगस्त 2024 से शुरू हुआ, जो अभी भी जारी है। 13 अगस्त से 11 नवंबर 2024 तक के आंकड़ों का आकलन किया तो 2023 के मुकाबले इन तीन महीनों में रात के समय होने वाले अपराधों में कमी आई है। 2023 में अगस्त से नवंबर तक रात में लूट, नकबजनी, वाहन चोरी और चोरी जैसे 319 अपराध दर्ज हुए थे। वहीं 2024 में इन तीन महीनों में 222 अपराध दर्ज हुए हैं।
इस तकनीक से पुलिस को ऐसे मिल रही मदद
इस प्लान के तहत प्रत्येक पुलिस अधिकारी के मोबाइल फोन में एक जीपीएस मैप कैमरा एप इंस्टॉल किया गया है।
इस एप की मदद से अधिकारी गश्त के दौरान संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें खींच सकते हैं, जिसमें महत्वपूर्ण डेटा लोकेशन के साथ तारीख और समय से टैग होती है।
तस्वीरें विभाग के वाट्सएप ग्रुप्स में साझा की जाती हैं, जिससे रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा सकती है।
इस तरह सुरक्षा की दृष्टि से कौन से क्षेत्र पर काम करना जरूरी है, उसकी जानकारी पुलिस को तत्काल मिलती है।
पुलिस टीम पर भी रहती है निगरानी
डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक इस तकनीक का एक फायदा यह भी है कि पुलिस टीम पर भी निगरानी रहती है। टीम को हर घंटे संवेदनशील क्षेत्रों की एक तस्वीर भेजना जरूरी है। यह तस्वीर गश्त के लिए बनाए गए स्प्रेडशीट में अपलोड की जाती है। अफसर अगले दिन जांच कर सकते हैं कि कौन से पुलिसकर्मी किस समय किन स्थानों पर थे।
चोरी का षड्यंत्र रचते पकड़े गए
एआई रात्रि गश्त प्लान से कुछ दिन पहले बिचौली हप्सी में पुलिस ने चोरी का षड्यंत्र रचते 4 बदमाशों को पकड़ा। पूछताछ के बाद उनके पास से चोरी की दो बाइक बरामद की गई। एक अन्य घटना में खजराना में दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा था।

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