इंदौर में SMILE योजना पर कार्यशाला संपन्न

By Abhishek Raghuvanshi
6 Min Read

भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों के पुनर्वास पर हुआ मंथन
इंदौर, 11 जुलाई 2025
ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में आज सचिव DoSJE श्री अमित यादव की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम SMILE उपयोजना के अंतर्गत “भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों के समग्र पुनर्वास” पर केंद्रित था। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया गया, जिसमें देशभर से विभिन्न नोडल अधिकारी एवं कार्यान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। स्वागत भाषण अतिरिक्त सचिव श्रीमती करालिन खोंगवर देशमुख ने दिया। इसके पश्चात प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली पोंक्षे वायंगणकर (न्याय एवं विकलांगता विभाग, म.प्र.) तथा अपर मुख्य सचिव नगरीय एवं आवास विभाग श्री संजय दुबे ने संबोधित किया। सचिव श्री अमित यादव द्वारा की गई मुख्य वक्तव्य प्रस्तुति ने SMILE योजना के उद्देश्यों को स्पष्ट किया। निदेशक डॉ. काजल सिंह द्वारा योजना की वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम में “मोबिलाइजेशन/राहत एवं प्रारंभिक पुनर्वास” विषय पर पहला सत्र हुआ, जिसमें डॉ. रंजना सहगल (पूर्व प्रमुख, इंदौर स्कूल ऑफ सोशल वर्क) ने विचार साझा किए। पुनर्वासित व्यक्तियों ने भी अपने अनुभव साझा कर उपस्थित जनों को प्रेरित किया।
दूसरे सत्र में स्वरोजगार एवं कौशल विकास पर श्वेता भट्टाचार्य (एनएसडीसी) ने बताया कि किस प्रकार विभिन्न सरकारी योजनाओं के समन्वय से भिक्षावृत्ति में संलग्न लोगों को आजीविका के अवसर मिल सकते हैं। इसके उपरांत एक पैनल चर्चा आयोजित हुई जिसमें केरल,उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान से आए प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों में लागू मॉडल्स की जानकारी दी। चर्चा का संचालन (SDF, DoSJE) श्री रामाशंकर पांडेय ने किया।
दोपहर बाद “SMILE-B” के संशोधित दिशा-निर्देशों पर प्रस्तुति दी गई और अधिकारियों व NGO प्रतिनिधियों से फीडबैक प्राप्त किया गया। इसके बाद सचिव श्री अमित यादव ने आगे की रणनीति पर विचार सांझा किये ।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में तकनीकी मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें वित्तीय प्रबंधन पर DoSJE की संयुक्त सचिव व वित्तीय सलाहकार श्रीमती देवोलीना ठाकुर ने प्रकाश डाला। इसके बाद SMILE-B SOPs तथा पोर्टल डेटा रिपोर्टिंग के विषयों को शामिल किया गया। इसके बाद लखनऊ से आए पुनर्वासित बच्चों द्वारा भावनात्मक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई, जिसने सभी प्रतिभागियों को भावविभोर कर दिया।
कार्यशाला का समापन NISD उप निदेशक, डॉ.आर.गिरिराज के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
अक्टूबर 2023 में शुरू की गई SMILE योजना (आजीविका और उद्यम के लिए हाशिए पर रहने वाले व्यक्तियों के लिए सहायता) एक ऐतिहासिक पहल है जिसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों, शहरी स्थानीय निकायों, नागरिक समाज संगठनों और विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से ” भिक्षावृत्ति मुक्त भारत” प्राप्त करना है।
इस एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में राज्य नोडल अधिकारी, शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि, गैर सरकारी संगठन और विशेषज्ञ नेटवर्क के सदस्य एक साथ आए, ताकि बचाव, प्राथमिक पुनर्वास और आजीविका अभिसरण पर विशेष जोर देते हुए SMILE-B के कार्यान्वयन को मजबूत करने पर केंद्रित बातचीत की जा सके।
कार्यशाला की मुख्य विशेषताएं:
• उद्घाटन सत्र में केन्द्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
• तकनीकी सत्रों में वास्तविक जीवन की सफलता की कहानियों के माध्यम से भिक्षावृत्ति के कार्य में लगे व्यक्तियों के बचाव और पुनर्वास के विभिन्न घटकों को शामिल किया गया और कौशल विकास (एनएसडीसी प्रस्तुति) के माध्यम से आजीविका के अवसरों और एनआईएसडी के संसाधन व्यक्ति द्वारा परामर्श पद्धति के विशेषज्ञ सत्रों में 5 राज्यों के नोडल अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय अनुभव साझा करने वाली पैनल चर्चा भी शामिल थी और दिन के कार्यक्रम का समापन मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा एसओपी और सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रशिक्षण के साथ हुआ।
• उन लाभार्थियों द्वारा अनुभव साझा किये गये जो भिक्षा मांगने की आदत से सफलतापूर्वक बाहर आ गए हैं और पुनर्वास से गुजरे हैं।
• हितधारक परामर्श MoSJE के अतिरिक्त सचिव के नेतृत्व में हितधारकों ने संशोधित SMILE दिशानिर्देशों, लागत मानदंडों और बेहतर कार्यान्वयन और वित्त वर्ष 2025-26 से आगे संभावित विस्तार के लिए रणनीतियों पर चर्चा की गयी।
योजना के तहत देश में अब तक 22,410 से ज़्यादा व्यक्तियों की पहचान और 3,400 के पुनर्वास के साथ, SMILE योजना अपने तीसरे चरण में 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 100 शहरों को कवर करते हुए अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए तैयार है। यह राष्ट्रीय कार्यान्वयन कार्यशाला और राष्ट्रीय स्तर का परामर्श सत्र देश भर के 23 से ज़्यादा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 67 ज़िलों के राज्य नोडल अधिकारियों, ज़िला नोडल अधिकारियों, गैर सरकारी संगठनों/कार्यान्वयन एजेंसियों, मध्यप्रदेश सरकार, एनआईएसडी, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाता है।

Exit mobile version