शेयर ट्रेडिंग एप पर फायदा दिखाकर सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर से 1.26 करोड़ की ठगी

By Abhishek Raghuvanshi
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महू क्षेत्र में रहने वाले सेवानिवृत ब्रिगेडियर को जनवरी में अज्ञात व्यक्तियों ने फोन कर शेयर ट्रेडिंग में रुपये लगाकर वहां से अधिक फायदा लेने की योजना बताई थी। इस पर वह ठगों के जाल में फंस गए और उनके द्वारा बताए गए खातों में रुपये जमा करा दिए। उन रुपयों से ठगों ने कुछ शेयर खरीदने की बात कही
महू। ऑनलाइन ट्रेडिंग एप पर निवेश कराने के बाद फर्जी कमाई दिखाकर साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर से एक करोड़ 26 लाख रुपये की ठगी कर ली। वे लगातार पीड़ित को निवेश के बाद के रिटर्न्स यानी फायदा दिखा रहे थे। मार्च तक ठगों ने 11 करोड़ रुपये का फायदा दिखाया, परंतु जब रुपये खाते में नहीं आए तो पीड़ित को ठगी का पता चला। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
महू क्षेत्र में रहने वाले सेवानिवृत ब्रिगेडियर को जनवरी में अज्ञात व्यक्तियों ने फोन कर शेयर ट्रेडिंग में रुपये लगाकर वहां से अधिक फायदा लेने की योजना बताई थी।
इस पर वह ठगों के जाल में फंस गए और उनके द्वारा बताए गए खातों में रुपये जमा करा दिए। उन रुपयों से ठगों ने कुछ शेयर खरीदने की बात कही।
इसके बाद एक एप्लिकेशन पर फर्जी शेयर की कीमत बढ़ते हुए भी बताई। इससे पीड़ित को भी एप्लिकेशन (एप) पर फायदा नजर आने लग गया।
इसके बाद रुपये जमा कराने का सिलसिला शुरू हो गया। मार्च माह तक पीड़ित ने एक करोड़ 26 लाख रुपये जमा कर दिए। इसमें उन्हें 11 करोड़ रुपये का फायदा दिख रहा था।
उन्होंने ये रुपये अपने खाते में फिर से जमा करने के लिए प्रयास किया तो वह रुपये जमा नहीं हुए। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
बड़गोंदा थाना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने साइबर सेल की सहायता से सभी खाते फ्रीज कर दिए।
गुजरात और भोपाल से आरोपित गिरफ्तार
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जिन खातों में रुपये जमा कराए, उनकी जानकारी भी बैंक से जुटाई। खाता गुजरात के केतन दर्जी नामक युवक के नाम का निकला।
करीब एक सप्ताह पहले पुलिस ने केतन को गुजरात से पकड़ा। उससे पूछताछ की तो उसने अपना खाता भोपाल के रहने वाले विशाल रजक को खाता किराए पर देने की बात कही।
पुलिस ने फिर भोपाल से विशाल को पकड़ा। अब पुलिस दोनों से पूछताछ कर इस ठग के मास्टरमाइंड का पता लगा रही है।
वहीं पुलिस को यह भी पता लगा है कि बदमाशों ने अलग-अलग खातों में रुपये जमा कराए हैं। केतन के खाते में 67 लाख रुपये जमा कराए गए थे।
पुलिस ने खाता जब फ्रीज किया था तो उसमें 6.50 लाख रुपये थे। इसके अलावा पुलिस ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये नगद रिकवर किए हैं।
इस मामले में एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि शिकायत के बाद जांच की जा रही थी

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