इंदौर में नाबालिग से रेप के दोषी को दोहरी उम्रकैद:10 साल की अतिरिक्त सजा भी; 11वीं की छात्रा ने बेटी को जन्म दिया था

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के दोषी को जिला कोर्ट ने दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी को अन्य धाराओं में 10 वर्ष का सश्रम कारावास भी हुआ है।
दरअसल, वारदात के 3 महीने बाद पेट दर्द होने पर पीड़िता ने अपनी मां को घटना के बारे में बताया था। जांच में पता चला कि उसे सात माह का गर्भ है। फिर नाबालिग ने बेटी को जन्म दिया था।
इसके बाद मां के साथ लसूडिया थाने जाकर उसने आरोपी अदनान खान (21) के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने आरोपी अदनान को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़िता बोली-प्यार और शादी का झांसा देता था
आरोपी का नाम अदनान खान (21) निवासी इंदौर है। पीड़िता 11वीं कक्षा की छात्रा है। उसके माता-पिता नौकरी करते हैं। साल 2022 में उसने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि फोन के जरिए अदनान से परिचय हुआ। अदनान बार-बार उसे प्यार और शादी का झांसा देता था। इस पर विश्वास करके वह उसके साथ जाने लगी।
पीड़िता ने बताया कि-
रिपोर्ट दर्ज कराने से 3 महीने पहले अदनान ने मुझे लसूडिया थाने के पास बुलाया, जहां वह काम करता था। जब वहां पहुंची, तो अदनान ने मेरे साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद, उसने मुझे कई बार वहीं बुलाया और लगातार शोषण करता रहा।
पेट में दर्द रहने लगा, तब मां को सच्चाई बताई
जनवरी 2022 में जब पीड़िता ने अदनान को बताया कि वह गर्भवती है, तो उसने उसे ये बात अपनी मां को बताने के लिए कहा। लेकिन डर के कारण पीड़िता चुप रही। बाद में, जब उसे पेट में लगातार तेज दर्द रहने लगा, तब 4 मार्च 2022 को उसने अपनी मां को पूरी सच्चाई बताई।
मां उसे अस्पताल लेकर गई, लड़की पैदा हुई
मां ने पीड़िता की सोनोग्राफी करवाई तो पता चला कि उसे 7 महीने का गर्भ है। पेट में तेज दर्द के कारण मां उसे अस्पताल लेकर गई तो लड़की पैदा हुई। मामले में पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर आरोपी अदनान के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 376(2) (एन), 376(2) पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया था।
जांच के दौरान पीड़िता के बयान दर्ज करवाए गए, साथ ही साक्षियों के बयान भी लिए और कोर्ट में चालान पेश किया।
नवजात बच्ची का DNA आरोपी से हुआ मैच
मामले में खास बात ये रही कि पुलिस ने नाबालिग की डिलीवरी के बाद उसकी बच्ची और आरोपी अदनान के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजे थे। दोनों का डीएनए मैच हो गया, जो केस का मजबूत आधार बना। दूसरा अहम पॉइंट ये रहा कि अभियोजन की ओर से केस में मुंबई हाईकोर्ट के एक जजमेंट का हवाला दिया। ये दोनों सजा के खास आधार बने।

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