. ये इंजन भारत के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर और अन्य आधुनिक विमानों के लिए होगा. इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और भी मजबूत होगी. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) जल्द ही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के पास मंजूरी के लिए भेजेगा.
