बिजनेस डेवलपर हेमंत पाल सुसाइड मामले में कोर्ट ने प्रकरण को निरस्त किया

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर में रहने वाले बिजनेस डेवलपर हेमंत पाल सुसाइड मामले में कोर्ट ने आत्महत्या के प्रति उकसाने वाले मामले में जिन लोगों के खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था उस प्रकरण को निरस्त कर दिया है इस दौरान आरोपी पक्ष की ओर से विभिन्न तरह के तर्क कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए थे और उसी के आधार पर इस पूरे मामले में कोर्ट ने एफ आई आर को निरस्त कर दिया।

तकरीबन 1 साल पहले इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर में रहने वाले बिजनेस डेवलपर हेमंत पल में अपने ही घर में आत्महत्या कर ली थी इस पूरे ही मामले के सामने आने के बाद बिजनेस डेवलपर हेमंत पाल के परिजनों ने उसकी पत्नी नीतू पाल और पत्नी के मित्र कृष्णा राठौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को पूरे मामले में सूचना दी थी और परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मृतक हेमंत पाल की पत्नी नीतू पाल एवं पत्नी के मित्र कृष्णा राठौर और एक अन्य के खिलाफ आत्महत्या के प्रति उकसाने की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था वहीं पुलिस ने आत्महत्या के प्रति उकसाने की धाराओं में तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया और पूरे मामले को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया लेकिन इसी दौरान आरोपी पक्ष नीतू पाल उनके मित्र कृष्णा राठौर जो कि भाजपा नेता है और एक अन्य ने हाई कोर्ट की शरण ली और हाईकोर्ट को विभिन्न तरह की जानकारी दी इस दौरान आरोपी रहे भाजपा नेता कृष्णा राठौड़ ने इंदौर हाई कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि पुलिस ने जो सुसाइड नोट जप्त किया है उसमें मेरे हस्ताक्षर नहीं है बल्कि फर्जी तरीके से मृतक के परिजनों ने ही मेरे नाम का जिक्र करते हुए उसे सुसाइड नोट को बनाया है और उसमें छह लोगों की अलग-अलग तरह से साइन है जो कि फर्जी है इसी तरह से कई और भी तारक इंदौर हाई कोर्ट के समक्ष रख अतः उन्हें सब तर्कों से सहमत होते हुए कोर्ट ने इस पूरे मामले को निरस्त कर दिया । तो वही मामले के खत्म होने के बाद इस पूरे मामले में आरोपी रहे कृष्णा राठौर जो कि भाजपा नेता है उनका कहना है कि कुछ लोगों ने षडयंत्र पूर्वक मेरी छवि को धूमिल करने के लिए यह पूरा षड्यंत्र रचा था अब मैं इन सब के खिलाफ मानहानि का दावा कोर्ट में लगाऊंगा।

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