कलेक्टर ने बैठक लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश, इंदौर को बनाना है भिक्षावृत्ति मुक्त शहर।
भिक्षावृत्ति पर कार्रवाई के लिए गठित दल में अब पुलिस बल के साथ नगर निगम के कर्मचारी भी होंगे।
कंट्रोल रूम के माध्यम से चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से भिक्षावृत्ति पर निगरानी की जाएगी।
भिक्षावृत्ति से मुक्त बच्चों और बड़ों को शिक्षण, प्रशिक्षण, रोजगार और पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी।
इंदौर। इंदौर को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने के लिए चल रहे अभियान के बाद अब सोमवार से प्रशासन द्वारा बड़ी उम्र के भिक्षुकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। भिक्षावृत्ति से मुक्त बच्चों और अन्य भिक्षुकों के शिक्षण, प्रशिक्षण, रोजगार और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भिक्षावृत्ति पर कार्रवाई के लिए गठित दल में अब पुलिस बल के साथ नगर निगम कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। डीएसपी स्तर के अधिकारी पुलिस व्यवस्था की मानीटरिंग करेंगे। भिक्षावृत्ति पर निगरानी की व्यवस्था को और अधिक कारगर बनाते हुए स्मार्ट सिटी कार्यालय द्वारा कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भिक्षावृत्ति पर निगरानी की जाएगी।
कलेक्टर ने अभियान का बढ़ाया दायरा
ये निर्देश कलेक्टर कलेक्टर आशीष सिंह ने भिक्षुक मुक्त शहर बनाए जाने के संबंध में ली गई समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन के सीईओ दिव्यांक सिंह, अपर कलेक्टर गौरव बैनल, सपना लोवंशी, डीसीपी हंसराज सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान का दायरा बढ़ाते हुए अब बड़े उम्र के भिक्षुकों के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बाल भिक्षुकों को शिक्षा से जोड़ें
कलेक्टर ने कहा कि शहर में कहीं भी भिक्षुक दिखाई नहीं दें, अधिकारी यह सुनिश्चित करें। ऐसे स्थान चिन्हित किए जाएं जहां से बड़ी संख्या में भिक्षावृत्ति के लिए भिक्षुक आते हैं। पहले इन लोगों को समझाइश दी जाए। इसके बाद भी नहीं मानने पर कार्रवाई करें। बाल भिक्षुकों को शिक्षा से जोड़ने के निर्देश भी उन्होंने दिए। कलेक्टर ने कहा कि बड़ी उम्र के भिक्षुकों के प्रशिक्षण, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने और पुनर्वास पर भी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाएं।
303 परिवारों को दी समझाइश
भिक्षावृत्ति पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन द्वारा गठित सात दलों द्वारा अब तक 303 परिवारों को भिक्षावृत्ति नहीं करने की समझाइश दी गई है। अभियान के तहत 112 बच्चों को भी भिक्षावृत्ति नहीं करने के बारे में समझाया गया। भिक्षावृत्ति करते पाए जाने पर 20 बच्चों को अभिरक्षा में लिया गया। कुछ मामलों में दोषियों के विरुद्ध एफआइआर भी कराई गई है।
भिक्षावृत्ति की सूचना देने वालों को मिलेगा इनाम
जागरूकता के लिए मंदिर सहित धार्मिक स्थलों पर पोस्टर भी चस्पा किए गए हैं। भिक्षावृत्ति की सूचना देने वालों को एक हजार रुपये नकद देकर पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। भिक्षावृत्ति संबंधी सूचना देने के लिए वाट्सएप नंबर 9691729017 जारी किया गया है। इस नंबर पर अभी तक 26 नागरिकों ने भिक्षावृत्ति करने वालों की जानकारी दी। जानकारी मिलते ही तुरंत कार्रवाई दलों द्वारा की गई है।
