मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में पुलिस द्वारा नशे को ना ना मुहिम के तहत नशे के आदि युवा और बुजुर्गों को झोंन 2 पर परेड कराई गई और डीसीपी ने सभी को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई इस दौरान 7 थानों के नशे के आदि युवा बुजुर्ग वा महिलाएं सम्मिलित हुई है जिनमें से 6 व्यक्तियों को आराधिक रिकार्ड होने के चलते जेल भी भेजा गया…।
दरअसल पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा पूरे प्रदेश में आदेश निकल गया था जिनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड हैं जो अपराधिक दुनिया से जुड़े हैं इसी के साथ नशाखोरी और नशा तस्करी से जुड़े हैं उनकी लिस्ट तैयार कर उन पर वैधानिक कार्रवाई की जाए और इसी के तहत सबसे पहली कार्रवाई इंदौर के झोंन 2 डीसीपी अभिषेक आनंद द्वारा की गई है जिन्होंने बाकायदा नशे से जुड़े युवा बुजुर्ग और महिलाओं को कार्यालय पर परेड कराई और नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई गई इस दौरान सात थानों के 52 लोगों की परेड कराई गई जिनमें से 6 लोगों को अपराधिक रिकॉर्ड के तहत जेल भी भेजा गया इस दौरान डीसीपी का कहना था कि किसी भी तरह से क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं के साथ ही नशाखोरी भी रोकना पुलिस का कर्तव्य है और इसी कारण से नियम अनुसार इनकी यहां पर शपथ दिलाई गई है ताकि यह अपने भविष्य को सुनहरा बनाते हुए नशे से दूर रहे तो वहीं दूसरी ओर कई बार देखा जाता है कि नशे की लत के कारण ही अपराधी घटनाएं होती हैं और जिन लोगों की यहां पर आज शपथ दिलाई गई है यह तमाम लोग नशे से जुड़े हुए हैं और नशा करते हैं पिछली शपथ में इससे कोई अधिक संख्या थी लेकिन समझाइए इसके कारण कई लोगों ने नशा छोड़ा है और आपराधिक दुनिया से भी दूर हुए हैं जो कि अब संख्या घटकर काफी कम हो गई है और इसी कारण से इस अभियान को निरंतर संचालित किया जा रहा है लेकिन अगर बात करें नशाखोरी की तो शहर के तमाम क्षेत्रों में जिस तरह से नशा खोरी हो रहा है उसके कारण हिंदू संगठन से लेकर सामाजिक स्तर के लोगों द्वारा भी इस मुहिम को आंदोलन के रूप में दिया जा रहा है और शहर को नशे के विरुद्ध महिम भी छेड़ रखी है
