लिफ्ट बंद हुई तो कलेक्टर ने तल मंजिल पर पहुंचकर सुनी दिव्यांगों की समस्याएं

By Abhishek Raghuvanshi
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जनसुनवाई में परेशानी से बचाने के लिए दिव्यांगों को कलेक्टर कार्यालय की तल मंजिल पर बैठाया गया। प्रशासनिक संकुल में तीन लिफ्ट, एक चलती थी वह भी हुई बंद।

मंगलवार को कलेक्टर ऊपरी मंजिल पर जनसुनवाई में सुन रहे थे पीड़ितों की समस्याएं।कलेक्टोरेट की तीनों लिफ्ट बंद होने से दिव्यांग ऊपरी मंजिल पर नहीं पहुंच सके।बाद में कलेक्टर जनसुनवाई को छोड़कर नीचे पहुंचे और दिव्यांगों की समस्याएं सुनी।

प्रशासनिक संकुल में बुजुर्गो और दिव्यांगों की सुविधा के लिए तीन लिफ्ट लगाई गई हैं। इसमें एक लिफ्ट चलती थी, वह भी मंगलवार को बंद हो गई। इससे जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर पहुंचने वाले दिव्यांग आवेदक परेशान होते रहे। मामले की जानकारी कलेक्टर को लगी तो उन्होंने दिव्यांगों के लिए तल मंजिल पर ही जनसुनवाई शुरू कर दी। वे दो बार दिव्यांगों से मिलने तल मंजिल पर आए और उनकी शिकायतें सुनी। कलेक्टर ने कुछ अधिकारियों को तल मंजिल पर ही तैनात कर दिया, जो दिव्यांग आवेदकों को तल मंजिल पर ही बैठा रहे थे।

कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को पहुंचे दिव्यांग लिफ्ट खराब होने से जनसुनवाई कक्ष तक नहीं पहुंच सके। कलेक्टर इलैया राजा टी ने नीचे दिव्यांगजनों के बीच पहुंचकर समस्याएं सुनी। कलेक्टर ने दिव्यांग ममता मुजाल्दे, सावित्री सेन सहित 14 लोगों को बेट्रीयुक्त ट्राइसिकल मंजूर की। एक अन्य दिव्यांग मेमूना शरीफ को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत किया। जनसुनवाई में सैकड़ों आवेदक आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद आदि की शिकायत लेकर पहुंचे।

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स्कूल की छत से टपकता है पानी, हादसे का अंदेशा
जनुसनवाई में शासकीय प्राथमिक विद्यालय महाराणा प्रताप नगर की छात्राएं पहुंची। छात्राओं ने कहा कि बारिश में छत से पानी टपकता रहता है। स्कूल भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बाद भी स्कूल के तीन कमरों में तीन कक्षाएं संचालित की जाती हैं। इनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हैं। पूरे स्कूल परिसर में नगर निगम द्वारा सफाई नहीं करवाई जाती। गंदगी के कारण छात्राएं बीमार होती हैं।

बंद स्कूल भवन में स्थायी प्रशिक्षण केंद्र
देपालपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पाड़लिया में संचालित खुशी आजीविका संगठन की महिलाएं कलेक्टर के पास बंद पड़े जर्जर स्कूल भवन में आजीविका संगठन का कार्यालय खोलने की अनुमति लेने पहुंची। महिलाओं का कहना है कि नया स्कूल भवन बनने से पुराना भवन बिना उपयोग के पड़ा है। इसमें आसामाजिक तत्वों की गतिविधियों बढ़ने लगी हैं। इसलिए इस भवन को संगठन की महिलाओं को अपना प्रशिक्षण केंद्र खोलने के लिए दिया जाए।

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