आष्टा की रहने वाली महिला कुछ दिनों से पेट दर्द से थी परेशान, प्राथमिक जांच में पता चला कि पेट में एक बड़ा ओवोरियन ट्यूमर है।
महिला को थी पेट दर्द की शिकायत, खाने और चलने में भी आ रही थी परेशानी।ट्यूमर के कारण महिला का पेट फूल गया था, समय रहते नहीं निकालते तो फट जाता।आपरेशन में जरा सी चूक भी होती तो शरीर की कई नसों को हो सकता था नुकसान।
इंदौर के एक निजी अस्पताल में डाक्टरों की टीम ने कठिन आपरेशन को अंजाम देते हुए दो घंटे में महिला के शरीर से 15 किलो का ट्यूमर निकालने में सफलता हासिल की। महिला मूलरूप से आष्टा की रहने वाली है और कुछ दिनों से पेट दर्द की शिकायत थी। डा. अतुल व्यास, डा. गौरव सक्सेना, डा. गौरव यादव, डा. आशीष शर्मा, डा. मीनल झाला की टीम ने दो घंटे में आपरेशन किया।
डा. अतुल ने बताया कि 41 वर्षीय महिला की प्राथमिक जांच में पता चला कि पेट में एक बड़ा ओवोरियन ट्यूमर है। इसके कारण खाने के अलावा चलने में भी समस्या हो रही थी। इस ट्यूमर को डिम्बग्रंथि ट्यूमर के रूप में जाना जाता है। इसके बाद इलाज की तैयारियां शुरू हुईं और महिला के पेट से सफलतापूर्वक ट्यूमर निकाला गया। आपरेशन इसलिए कठिन था, क्योंकि महिला के पेट में ट्यूमर 15 किलो का था। जरा सी चूक से शरीर की कई नसों को नुकसान हो सकता था। इसलिए आपरेशन में दो घंटे का समय लगा।
समय रहते नहीं निकालते तो पेट में फट जाता ट्यूमर
डा. गौरव ने बताया कि ट्यूमर की वजह से महिला का पेट फूल गया था। यदि समय रहते ट्यूमर को नहीं निकाला जाता तो शरीर में फटने की संभावना बढ़ जाती। फिलहाल महिला खतरे से बाहर है। सर्जरी टीम में डा. विधि देसाई, डा. यश भारद्वाज, डा. राज केसरवानी, डा. होशियार सिकरवार, डा. राहुल शर्मा और एनेस्थीसिया टीम में डा. आनंद कुशवाह, डा. प्रियंका ठाकुर, डा. रुचि तिवारी, डा. अपूर्वा सक्सेना, डा. वैभव तिवारी शमिल थे।
