-कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी कि संसद से सदस्यता निरस्त करने को लेकर लगातार कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर की गई कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं जहां प्रदेश भर में संकल्प सत्याग्रह कर कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने का विरोध जता रही है तो वही आज कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुजाता पाल ने प्रेस वार्ता में जानकारी साझा की।
संसद से राहुल गांधी के निलंबन मामले में मोदी सरकार का देश भर में विरोध किया जा रहा है वहीं कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है आज इंदौर में पार्टी के अखिल भारतीय प्रवक्ता सुजाता पाल ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने परम मित्र अडानी को बचाने के लिए लोकतंत्र का गला घोट रहे हैं राहुल गांधी की संसद से सदस्यता समाप्त करने पर उन्होंने कहा कि मोदी और अडानी की दोस्ती पर सवाल उठाया था राहुल गांधी ने उन्हें लोकतंत्र देश में जानने का अधिकार है लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ऐसे तमाम मामलों को दबाना चाहती है इसलिए राहुल गांधी के खिलाफ संसद में निलंबन की कार्रवाई की गई है,,,, गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के मुद्दे पर अब कांग्रेस देश भर में विरोध प्रदर्शन कर अभियान को तेज कर चुकी है इसी कड़ी में आज प्रदेश के 31 शहरों में अलग-अलग कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस पूरे विषय को मीडिया के समक्ष साझा किया, वहीं भाजपा की कथनी करने को उजागर करते हुए इंदौर में कांग्रेस के अखिल भारतीय प्रवक्ता सुजाता पाल ने आज फिर उन सवालों को सार्वजनिक किया जो राहुल गांधी ने संसद में उठाए थे उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था में राहुल के सवालों का जवाब नहीं दिया गया है लेकिन अब उन्हीं सवालों को लेकर कांग्रेस जनता की अदालत में है जिससे देश की जनता जान सके कि उनके मित्रों के साथ अडानी और मोदी सरकार द्वारा किस तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है पार्टी के अखिल भारतीय प्रवक्ता सुजाता पाल ने बताया कि संसद में राहुल गांधी ने अडानी की सेल कंपनियों में 20 हजार करोड़ डॉलर को लेकर पूछा कि यह कंपनी किसकी है और ये पैसा कहां से आए हैं साथ ही राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि मोदी और आड़ानी से क्या रिश्तेदारी है तो ऐसे तमाम सवाल उठाने पर राहुल गांधी के भाषण के 9 दिन बाद उनके खिलाफ षड्यंत्र तरीके से मानहानि का मामला दर्ज कर संसद में राहुल गांधी के भाषण को रिकॉर्ड से हटा दिया गया इस मामले में जांच के लिए जब विपक्ष ने संयुक्त संसदीय समिति की मांग की तो वह भी अनसुनी कर दी उन्होंने बताया कि मानहानि मामले में अधिकतम 2 साल की सजा का प्रावधान होता है लेकिन राहुल गांधी के खिलाफ षडयंत्र पूर्वक ऐसा किया गया है जिसके खिलाफ कांग्रेस अब मैदान में उतर चुकी है और देश भर में संकल्प सत्याग्रह सहित अन्य आंदोलन और प्रदर्शन कर भाजपा सरकार की तानाशाही को जनता के सामने ला रहे हैं।
