बेलेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी हादसे को लेकर प्रस्तुत सभी याचिकाओं की सुनवाई एक साथ होगी। उच्च न्यायालय ने मंगलवार को इसके आदेश जारी कर दिए। अभिभाषक चंचल गुप्ता के माध्यम से दायर याचिका में याचिकाकर्ता राजेंद्र अटल से उच्च न्यायालय ने कहा कि वे मंदिर समिति को भी पक्षकार बनाएं, क्योंकि याचिकाओं में जो भी निर्णय आएगा, वह उसे भी प्रभावित करेगा।
जनहित याचिका में शासन द्वारा मृतकों के स्वजन के लिए घोषित राहत राशि की गणना पर सवाल उठाए गए हैं। इसे चुनौती देते हुए कहा गया है कि बिना सोचे-समझे गणना की गई है। याचिका में मांग की गई है कि जिस तरह से सड़क दुर्घटना में मृतक के स्वजन के लिए मुआवजे की गणना मृतक की उम्र, आय, आश्रितों की संख्या के हिसाब से की जाती है, उसी तरह से बावड़ी हादसे में मृतकों के स्वजन के लिए मुआवजे की गणना की जाए।
जिम्मेदारों के खिलाफ दर्ज हो आपराधिक प्रकरण
सरकार ने सभी मृतकों के स्वजन को पांच-पांच लाख रुपये राहत राशि के रूप में देने की घोषणा की है, यह सही नहीं है। याचिका में हादसे के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि वे याचिका में आवेदन देकर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश देने की मांग भी करेंगे।
हादसे में 36 लोगों की हुई थी मौत
उल्लेखनीय है कि 30 मार्च 2023 को हुए बेलेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी हादसे में 36 लोगों की मौत हो गई थी। ये लोग रामनवमी पर मंदिर में हवन में शामिल होने के लिए वहां गए थे। जिस जगह बैठकर ये लोग हवन कर रहे थे, उसके नीचे लगभग 80 फीट गहरी बावड़ी थी। हवन के दौरान बावड़ी की स्लैब टूटी और हवन कर रहे लोग बावड़ी में गिर पड़े थे।
