इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में मंगलवार शाम जय रणजीत के जयघोष हर तरफ गूंज रहे थे। अवसर था- हनुमान जयंती के बाद आयोजित होने वाले अखंड भंडारे का। इस बार नई व्यवस्था के तहत जहां मैदान में भक्तों ने पंगत में बैठकर भोजन किया, वहीं चलित व्यवस्था में कतार में लगकर भी पैकेट में प्रसादी पाई। इस अवसर पर काकभुशुंडी को अपने हाथों से खीर खिलाते प्रभु का शृंगार आकर्षण का केंद्र था।
सबसे पहले रणजीत हनुमान को राम-भाजी, पूड़ी, नुक्ती, भजिये, लौंजी का भोग दोपहर में लगा दिया गया। इसके बाद प्रसाद शहर के 51 मंदिर में पहुंचाया गया। फिर 251 बटुकों को भोजन कराया। फिर देर रात तक अखंड भंडारा जारी रहा। यहां एक लाख लोगों के लिए भोजन बनाया गया था। आयोजन स्थल पर कैटरिंग के 350 लोगों के साथ ही जय रणजीत भक्त मंडल के 500 सदस्य भी व्यवस्था संभाले हुए थे।
दो दिन से चल रही थी भोजन की तैयारी
भोजन की तैयारी पिछले दो दिन से मंदिर परिसर में चल रही थी। भंडारे में महिला-पुरुषों के लिए भोजन की अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। इसके लिए दोनों तरफ काउंटर बनाए गए। मंदिर के मुख्य पुजारी पं. दीपेश व्यास ने बताया कि भोजन में एक क्विंटल काजू और एक किलो केसर का उपयोग किया गया। भंडारे में 100 क्विंटल सब्जी, 20 क्विंटल लौंजी, 30 क्विंटल भजिए, 200 क्विंटल पूड़ी और 55 क्विंटल नुक्ती तैयार की गई।
इतनी सामग्री का किया उपयोग
90 क्विंटल आटा
200 डिब्बे तेल
80 डिब्बे शुद्ध घी
26 क्विंटल बेसन
80 क्विंटल सब्जियां
10 क्विंटल केरी
एक किलो केसर
पांच किलो इलायची
100 किलो काजू
100 किलो किशमिश
एक हजार किलो मसाला
22 क्विंटल शक्कर
400 किलो नमक
