सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार कलेक्टर कार्यालय में होने वाली जनसुनवाई में 200 से अधिक मामले आते हैं इंदौर कलेक्टर के द्वारा सुनवाई सुनी जाती है और कुछ मामलों पर तत्काल सुनवाई की जाती है और अधिकारिक तौर पर होने वाले कामों को संबंधित अधिकारियों के माध्यम से किया जाता है।
दरअसल आपको बता दें कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई में जाने वाले मदद मंद लोगों की इंदौर कलेक्टर के द्वारा लगातार मदद भी की जा रही है, इंदौर कलेक्टर के द्वारा ऐसे भी बच्चों की मदद की जा रही है जो पढ़ना चाहते हैं कोचिंग जाना चाहते हैं जिनके पास आर्थिक सहायता नहीं है तो उनकी आर्थिक मदद भी की जा रही है वही आज कलेक्टर कार्यालय जनसुनवाई में पहुंचे दिव्यांग जरूरतमंद 3 बच्चों की भी मदद की गई है, तीनों बच्चे एमपीपीएससी की तैयारी कर रहे हैं और आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से संबंधित कॉलेज की ओर से फीस के लिए दबाव बाय बनाया जा रहा था, संबंधित कॉलेज के अधिकारियों से इंदौर कलेक्टर ने संवाद कर उन्हें आश्वासन दिया है और बच्चों की फीस को लेकर भी चर्चा की है अगर संबंधित कॉलेज कलेक्टर के आदेश के अनुसार कार्य नहीं करता है तो कॉलेज को नोटिस भी जारी किया जाएगा।
शहर के एक निजी हॉस्पिटल की मनमानी से पीड़ित महिला कलेक्टर कार्यालय जनसुनवाई में पहुंची थी महिला के पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी संबंधित हॉस्पिटल में प्राइवेट बेस पर उपचार किया और आयुष्मान कार्ड धारक को इससे संबंधित किसी भी प्रकार की कोई जानकारियां नहीं दी गई थी जिसको लेकर इंदौर कलेक्टर के द्वारा हॉस्पिटल को नोटिस जारी करने को कहा है।
