कृष्ण जन्माष्टमी के बाद आने वाली एकादशी को डोल ग्यारस कहते हैं। श्रीकृष्ण जन्म के अठारहवें दिन माता यशोदा ने उनका जल पूजन (घाट पूजन) किया था। इसी दिन को ‘डोल ग्यारस’ के रूप में मनाया जाता है।
‘डोल ग्यारस’ के अवसर पर कृष्ण मंदिरों में पूजा-अर्चना होती है। भगवान कृष्ण की प्रतिमा को ‘डोल’ (रथ) में विराजमान कर उनकी शोभायात्रा निकाली जाती है। इस अवसर सकल पंच साहू वैश्य समाज द्वारा भी आकर्षक डोल निकाला गया,,,
