मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर लगातार ठगोरो का ठिकाना बनता हुआ नजर आ रहा है और इसी के तहत क्राइम ब्रांच को तीन राज्यों से व्यापारियों द्वारा शिकायत मिली थी जिसके आधार पर दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है तो वहीं उनसे विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ में जुटी हुई है आने वाले दिनों में अन्य कई आरोपियों तक क्राइम ब्रांच पहुंच सकती है…।
दरअसल मामला यह है कि स्नैपडील के नाम से संचालित ई-कॉमर्स कंपनी की डीलरशिप दिलाने के नाम पर उत्तर प्रदेश के दीपक आंध्र प्रदेश के मुजाहिद और मुंबई के विक्रम नमक व्यापारियों के साथ डीलरशिप दिलाने के साथ ही अच्छा लाभ मिलने का लालच देकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया गया था पूरे मामले में विभिन्न राज्यों में रहने वाले फरियादियों द्वारा ऑनलाइन शिकायत क्राइम ब्रांच को की गई थी जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने तमाम पहलुओं पर जांच पड़ताल करते हुए क्राइम ब्रांच द्वारा पहले राहुल राजा परमार नामक एक युवक को पकड़ा गया था उसके द्वारा बताया गया कि स्वेपडिल लिमिटेड कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच ने अन्य दो आरोपियों को पकड़ा जो कि दस्तावेज रूप में पूरी गैंग की मदद करते थे जिनके नाम रणवीर पटेल और गणेश जाधव है जिन्होंने पूछताछ में बताया कि वह टेलीकॉम कंपनी के पोस्ट एजेंट है और सिम कार्ड केवाईसी करवा कर डीलरशिप दिलाने वाले कंपनी का संचालक राहुल परमार को दिया करते थे और उसी के माध्यम से पूरी धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया जाता था फिलहाल फर्जी तरीके से दस्तावेज बना कर तैयार करना और अन्य धोखाधड़ी के मामले में क्राइम ब्रांच पकड़े दोनों ही एजेंट से पूछताछ में जुटी हुई है इसी के साथ अन्य कई लोग भी सामने आने की संभावना है लेकिन कहीं ना कहीं सवाल निशान यह खड़ा हो रहा है कि इंदौर शहर में लगातार फर्जी एडवाइजरी कंपनी कॉल सेंटर सहित अन्य धोखाधड़ी से जुड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी का गढ़ शहर बनता नजर आ रहा है….।
