इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा उज्जैन से संचालित हो रहे कॉल सेंटर के 7 सदस्यों को पकड़ा गया है जिनके द्वारा आमजन को फोन लगाकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया जिसमें 12 आर्मी अधिकारी भी शामिल है पकड़ाए आरोपियों से पुलिस पूछताछ में जुटी है…।
डीसीपी निमिष अग्रवाल द्वारा बताया गया कि फर्जी शेयर एडवाइजरी कंपनी के नाम से एक कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था जिसके मुख्य आरोपी इस कमलेश वर्मा सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है इसमें शामिल आरोपी गोविंद लोगों को झूठ बोलकर उनके बैंक के खातों में राशि ट्रांसफर कर निकलवाने का काम करता था बताया जा रहा है कि आरोपी लड़कियों की आवाज में लोगों से बात कर फर्जी डिमैट अकाउंट ओपन करने के बाद स्क्रीनशॉट भेज कर झूठ विश्वास में लेकर उनके बैंक खातों का उपयोग करवाता था बताया जा रहा है कि फर्जी कॉल सेंटर से ही 12 आर्मी अधिकारियों के साथ भी धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया है इसी के साथ लोगों को रुपया डबल और तीन गुणा करने की लालच देकर लाखों रुपए खातों में ट्रांसफर करवाए जाते थे और उन खातों के माध्यम से रुपया निकाल लिया जाता था तो वही बात सामने आ रही है कि खाते भी केवल एक या दो महीने के लिए ही खुलवाए जाते थे और फिर उन्हें बंद कर दिया जाता था पुलिस ने पूरे मामले में कमलेश वर्मा, ऋतिक सोलंकी, नितेश मालवीय, धीरज, लोकेश, ओमप्रकाश सहित गोविंद को अभी गिरफ्तार किया है जिनके पास से 7 मोबाइल फोन और 14 लैपटॉप और एक दर्जन से ज्यादा सिम कार्ड बरामद की गई है फिलहाल पुलिस पकड़ है आरोपियों से तमाम पहलुओं पर पूछताछ में जुटी हुई है ताकि उनके किसी व्यक्ति और किन राज्यों में कनेक्शन है उसको भी तलाशा जा रहा है…।
