मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सूरत के कपड़ा व्यापारी के साथ मिलकर दुकान खोलकर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले चार आरोपियों को क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किया गया है बताया जा रहा है कि आरोपियों ने बाकायदा जीएसटी नंबर और बैंक खातों में अकाउंट खुलवाने के बाद दुकान खोली गई और करोड़ों का माल खुलवाकर दुकान को 24 घंटे में ही बंद कर दी गई…।
दरअसल क्राइम ब्रांच को गुजरात के एक दर्जन व्यापारियों द्वारा शिकायत की गई थी इस पूरे मामले में बताया गया कि सूरत के रहने वाले देवी प्रसाद उपाध्याय जो की 25 वर्षों से सूरत शहर में कपड़े का व्यवसाय करता था अचानक से उसके मन में धोखाधड़ी की अपराध पनपा और फिर उसने इंदौर जाकर अपने अन्य व्यापारिक साथियों के साथ मिलकर बाकायदा आधार कार्ड और पैन कार्ड के माध्यम से जीएसटी नंबर लिया गया और इस जीएसटी नंबर के आधार पर डी के ट्रेडिंग कंपनी और बालाजी इंटरप्राइजेज नमक दो कंपनियां खोली गई और बाकायदा इन कंपनियों के लिए दुकान भी ली गई और उसके बाद देवी प्रसाद गुजरात गया और वहां से बड़े कारोबारी को इन कंपनियों की जानकारी देकर लाखों रुपए का माल इन कंपनियों के नाम से इंदौर पहुंचा दिया गया जब कंपनी में माल पहुंचा गया उसे समय बाकायदा दुकान खुली हुई थी लेकिन माल मिलने के बाद देवीप्रसाद और लक्ष्मीकांत, अरविंद पांडे, चेतन जैन मैं दुकान बंद कर दी और फरार हो गए थे जिसके बाद सूरत के व्यापारी इंदौर पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले में क्राइम ब्रांच को सूचना दी सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच ने 420 ही सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी जिसके बाद तमाम जांच पड़ताल करने के बाद चारों ही आ
