कांच फोड़ने की सजा, दो घंटे चौराहे पर देंगे हाजिरी, एक साल शराब नहीं पिएंगे आरोपित

By Abhishek Raghuvanshi
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कार-दोपहिया और आटो रिक्शा के कांच फोड़ने वाले तीन आरोपितों को पुलिस आयुक्त ने अनूठी सजा दी है। आरोपितों पर एक साल तक शराब व अन्य मादक पदार्थों का नशा करने पर प्रतिबंध लगा दिया। तीनों आरोपितों को सजा के तौर पर दो घंटे तक चौराहा पर हाजिरी भी देना होगी। रहवासियों को बताना होगा कि उन्होंने शराब नहीं पी है।

यह मामला लसूड़िया थाना क्षेत्र का है। न्यायालय आयुक्त कार्यालय द्वारा मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी हुए है। आयुक्त कोर्ट ने आरोपित जीतू उर्फ आलू पुत्र दुर्गेश चौहान निवासी नई बस्ती निरंजनपुर चौराहा, राज पुत्र रामप्रसाद करोले निवासी नई बस्ती निरंजनपुर चौराहा और सौरभ पुत्र अशोक तिवले निवासी नई बस्ती निरंजनपुर चौराहा को सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि तीनों आरोपित एक वर्ष की अवधी तक शराब या अन्य मादक पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे। आदेश की प्राप्ति दिनांक से 21 दिवस तक प्रत्येक दिवस स्कीम-114 निरंजनपुर खालसा चौक पर रात्री 9 से 11 तक उपस्थित रहेंगे।

इनकी उपस्थिति के लिए बीट प्रभारी और थाना प्रभारी को जिम्मेदारी दी गई है। 21 दिवस की उपस्थिति रहने के पश्चात भी सचिव, सार्वभौमिक रहवासी संघ स्कीम-114 पार्ट-1 की सहमती से उनके समक्ष प्रत्येक सोमवार को उपस्थिति दर्ज करवाएंगे। थाना प्रभारी और रहवासी संघ पदाधिकारी तय करेंगे की आरोपित शराब व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं कर रहे है।

रासुका की धारा 3(क)(ग)के अंतर्गत दिए कमिश्नर ने आदेश
लसूड़िया थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपितों ने 8 अप्रैल को निरंजनपुर, स्कीम-114 में खड़ी कार, आटो रिक्शा और दोपहिया वाहनों में तोड़फोड़ कर दी थी। पुलिस ने आरोपितों को पकड़ा तो उनके फोन में तोड़फोड़ का वीडियो भी मिल गया। आरोपित लोगों को धमकाते थे। इस कारण कोई इनके खिलाफ गवाह या रिपोर्ट भी नहीं लिखवाता था। जोन-2 के उपायुक्त सूरज वर्मा द्वारा रासुका का प्रतिवेदन पेश किया था। आयुक्त कोर्ट ने आरोपितों को भी सूचना पत्र भेज सुनवाई का मौका दिया। तीन मई को कोर्ट ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3(क)(ग) के तहत आदेश जारी कर दिए।

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