पांच साल के अद्विक और ताऊ संदीप गुप्ता को खो चुका आर्यन छह दिन से अस्पताल में भर्ती है। गुरुवार को उसका घंटों आपरेशन हुआ। वह बार-बार अद्विक और ताऊ को याद करता है। संदीप गुप्ता की बेटी मिष्का भी अस्पताल में भर्ती है।
वायएन रोड़ पर शराबी स्टील कारोबारी अजीत ललवानी ने रोशनसिंह भंडारी मार्ग निवासी संदीप गुप्ता (नमकीन कारोबारी) के स्कूटर को टक्कर मारी थी। गुप्ता बेटी मिष्का और छोटे भाई राहुल के बेटे आर्यन व अद्विक को आइसक्रीम दिलवाने गए थे। लौटने में अजीत ने रौंद दिया। वह बिल्डर शरद डोसी की शराब पार्टी से लौट रहा था।अद्विक और गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आर्यन और मिष्का अस्पताल में भर्ती है। गुरुवार दोपहर अद्विक का ढाई घंटे आपरेशन हुआ। उसके दोनों हाथ और नाभी के नीचे की हड्डी में फ्रेक्चर बताया है।
जालसाजी में फंसे बिल्डर और फेशन डिजाइनर पर दलाली का आरोप
मामले में आरोपित अजीत ललवानी की गुरुवार को जमानत निरस्त कर दी। उस पर पुलिस ने मानववध की धारा भी लगा दी है। मेडिकल रिपोर्ट में भी शराब पीने की पुष्टि हुई है। स्वजन के विरोध के बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की थी। उनका आरोप है कि अजीत को शनिवार रात वीआइपी की तरह ट्रिटमेंट दिया गया। थाना प्रभारी कमलेश शर्मा के केबिन में ही बैठा रहा और होटल का खाना खाया। एक फेशन डिजाइनर के माध्यम से 25 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। स्वजन ने यह भी बताया कि घटना के बाद विवादित बिल्डर अनूप कटारिया और मनीष सक्रीय हुए थे। उनके इशारे पर ही अजीत को छोड़ा गया था।
दुबई भागने के पहले पकड़ा गया आरोपित
हादसा शनिवार रात का था। रविवार रात तक अजीत पर एफआइआर तक दर्ज नहीं की। दोपहर को उसको छोड़ दिया। दबाव और प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उसे सोमवार रात पकड़ा। वह दुबई भागने की फिराक में था। पुलिस ने उन दलालों के माध्यम से संपर्क किया जिन्होंने उसे थाने से छुड़ाया था। कटारिया के विरुद्ध जालसाजी के केस दर्ज है।
