मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा पद बाहर ग्रहण करने के साथ ही को ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम को लेकर आदेश जारी किया था इसी के तहत इंदौर जिले के शहरी क्षेत्रों में तो करवाई नजर नहीं आ रही है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त पहल कर करीबन 700 लाउडस्पीकर को 450 धार्मिक स्थलों से उतर गया है और यह केवल बैठक और समन्वय के आधार पर स्वयं धार्मिक स्थलों के धर्म गुरुओं ने जागरूकता दिखाते हुए आदेश को बेहतर बताया है…..।
दरअसल प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव द्वारा ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लेकर न्यायालय द्वारा जो गाइडलाइन है उसे अनुसार एक आदेश कुर्सी संभालते ही निकाल दिया था जिसको लेकर पूरे प्रदेश में विभिन्न तरह से आदेश का पालन कराया जा रहा है लेकिन बात की जाए इंदौर जिले की तो कमिश्नरेट में आने वाले शहरी थाना क्षेत्र में तो नाम मात्र की कार्रवाई और आदेश का पालन नजर आ रहा है लेकिन अगर बात की जाए ग्रामीण क्षेत्र की तो कुल 13 थाना क्षेत्र से करीब 700 लाउडस्पीकर सहित ध्वनि यंत्रों को धार्मिक स्थलों से उतर गया है जानकारी देते हुए ग्रामीण डीएसपी उमाकांत चौधरी द्वारा बताया गया कि आदेश अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए थे उसका पालन करते हुए ग्रामीण क्षेत्र के थाना स्तर पर जो धार्मिक स्थल हैं वहां पर धर्म गुरुओं के साथ सैकड़ो की संख्या में बैठकर आयोजित की गई थी बैठोकों के दौरान उन्हें मापदंड के साथ इससे होने वाली हानियां और तमाम बातें बताई गई जिसके बाद एक अच्छी पहल करते हुए धर्म गुरुओं ने स्वयं अपने अनुयायियों और धार्मिक स्थलों से साउंड सिस्टम को उतारा गया जिसमें से मस्जिद, मंदिर, गिरजाघर सहित गुरुद्वारों से ध्वनि यंत्रों को स्वयं जागरूकता दिखाते हुए अनुयायियों द्वारा उतर गया जिनकी संख्या करीबन 700 के करीब है और यह कल 450 धार्मिक स्थलों से उतारे गए हैं इसी के साथ आदेश अनुसार कार्रवाई की बात की जाए तो डीएसपी का कहना है कि इसमें प्राथमिक तौर से विभिन्न धाराओं में कई वर्षों की सजा भी है फिलहाल अभी किसी तरह की ग्रामीण क्षेत्र में प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है केवल मात्र बैठक और समझाइए इसके साथ ही जागरूकता दिन के आधार पर स्वयं ध्वनि प्रदूषण यंत्रों को हटाया गया है यदि किसी तरह का कोई को कोतुहाल करता है तो उसे पर उचित कार्रवाई नियम अनुसार की जाएगी
