पचकुईया श्री राम मंदिर की बिजली कटी , अंधेरे में साधु संतों ने बनाया भगवान का प्रसाद,साधु संत परेशान , ट्रस्टीयो पर लगे आरोप

By Abhishek Raghuvanshi
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शहर के 500 साल पुराने श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम व गौशाला की बिजली विद्युत विभाग ने बिल बकाया होने के कारण काट दी जिससे भगवान टीकम जी सहित पूरा मंदिर अंधेरे में रहा। साधु संतों ने अंधेरे में ही प्रसाद बनाया। बिजली कट जाने से भक्तो में काफी आक्रोश है। मंदिर के भक्तों का कहना है कि आश्रम के ट्रस्टी आश्रम की संपत्तियों का लाखों रुपए किराया एवं अनुदान ले रहे हैं, इसमें व्यवस्थाओं के नाम पर जब भी कुछ भी नहीं है, मंदिर की बिजली कट चुकी है बिजली का बिल भी ट्रस्टी नहीं भर रहे है, साधु संत बहुत परेशान है, बिजली कट जाने से पानी की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है, भक्त मंडल के भक्तो का कहना है कि ट्रस्टी प्रकाश गोयल (9826046757), जगदीश गर्ग (9425053141), अशोक गोयल(9826466669), गोपाल गोयल (9425064199) सहित अन्य ट्रस्टियो मंदिर की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं किराया तो लाखों रुपए ले रहे हैं मगर व्यवस्था कुछ नहीं कर पा रहे हैं, बिजली का बिल तक नहीं भर पाए जिससे मंदिर की बिजली कट गई और भगवान अंधेरे में रहे, संतो को अंधेरे में ही भगवान का प्रसाद बनाना पड़ा, और संतों ने अंधेरे में ही भगवान का प्रसाद पाया,भक्तमंडल के भक्तो का कहना है कि लाखो रू बिल बकाया होने से विद्युत विभाग ने पचकुइया मंदिर की लाइट काट दी है मंदिर के ट्रस्टियों द्वारा यहां के हाल का किराया ₹50000 और मंदिर में प्रोग्राम करने के ग्राउंड का ₹25000 करीब किराया लिया जाता है और सियागंज में स्थित मकान और एक दुकान का किराया करीब ₹100000 माह लिया जा रहा है। और ट्रस्ट द्वारा सरकार से भी अनुदान लिया जाता है जो ट्रस्ट की जेब में जाता है उसके बाद भी लाइट का बिल आज तक ट्रस्ट द्वारा नहीं भरा जिसका परिणाम आज मंदिर को एवं संत महात्माओं को एवं टीकम जी महाराज को अंधेरे में बैठना पड़ रहा है एवं यहां पर लाइट नहीं होने से बोरिंग नही चलने के कारण गाय के भी पानी पीने की व्यवस्था नहीं है एवं गाय भी प्यासी रही है, गायो को कुछ भी हो सकता है। भक्तो का कहना है कि ट्रस्टी अगर व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे है तो इस्तीफा दे दे। मंदिर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री रामगोपालदास महाराज का कहना है कि शुक्रवार को पंचकुईया मंदिर की लाइट काट दी गई पूरे मंदिर में अंधेरा छा गया भगवान भी अंधेरे में रहे। हम संतो ने अंधेरे में ही भगवान के भोग का प्रसाद बनाया। व्यवस्थापक बिलकुल इस और ध्यान नही दे रहे है और गायों के पानी की व्यवस्था भी नही हो पा रही है। इससे अच्छा तो प्रशासन को ट्रस्ट भन्ग कर देना चाहिए

मंदिर के भक्तों का कहना है कि मंदिर में जो नए पीठाधीश्वर आए है उनको मंदिर की गादी पर महंत बने ही 2 महीने हुए है।इस विषय की पूरी जानकारी महाराजजी को नहीं थी। बिजली विभाग की दादागिरी से मन्दिर परिसर में ही नगर निगम के सरकारी बोरिंग भी काट दिए गया है। इस बोरिंग का भुगतान निगम कर रहा है उसके बाद भी वो बोरिंग की लाइट भी काट दि गई ।

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