देश की बात, आपके शहर से
TimeNewsIndia News
देश 3 बार पढ़ी गई

6 करोड़ साल पहले पेड़-पौधों के दबने से बने पत्थर:इसी से अयोध्या में बनेगी रामलला की मूर्ति; मान्यता- श्राप से शालिग्राम बने थे विष्णु

नेपाल के जनकपुर से 40 टन वजनी शालिग्राम की 2 शिलाएं 7 दिन के सफर के बाद बुधवार रात अयोध्या पहुंचीं। इन्हीं शिलाओं से भगवान राम और माता सीता की भव्य मूर्तियां बनाई जाएंगी।

Abhishek Raghuvanshi3 फरवरी 2023 · 1 मिनट पढ़ें
इस खबर को अपनों तक पहुंचाएं

नेपाल के जनकपुर से 40 टन वजनी शालिग्राम की 2 शिलाएं 7 दिन के सफर के बाद बुधवार रात अयोध्या पहुंचीं। इन्हीं शिलाओं से भगवान राम और माता सीता की भव्य मूर्तियां बनाई जाएंगी। माना जा रहा है कि ये मूर्तियां अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित की जाएंगी।

भारत में इतने पत्थर होने के बावजूद भगवान राम की मूर्ति बनाने के लिए नेपाल से क्यों लाया गया पत्थर? शालिग्राम शिलाओं का धार्मिक महत्व और वैज्ञानिक खासियत क्या है?

तस्वीरों में खबर8 फोटो

वैज्ञानिक मान्यता : 6 करोड़ साल पहले बने जीवाश्म पत्थर

साइंस की भाषा में शालिग्राम डेवोनियन-क्रिटेशियस पीरियड का एक काले रंग का एमोनोइड शेल फॉसिल्स है। डेवोनियन-क्रिटेशियस पीरियड 40 से 6.6 करोड़ साल पहले था। ये वो पीरियड था जब धरती के 85% हिस्से पर समुद्र होता था।

जीवाश्म शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, ‘जीव’ तथा ‘अश्म’। अश्म का अर्थ होता है-पत्थर। इस प्रकार जीवाश्म का अर्थ हुआ वह जीव जो पत्थर बन गया। अंग्रेजी में जीवाश्म को फॉसिल कहा जाता है।

जीवाश्म करोड़ों सालों तक पृथ्वी की सतह में गहरे दबे हुए जंतुओं एवं वनस्पति अवशेषों से बने हैं। जीव अवशेष धीरे-धीरे तलछट के नीचे दबकर एकत्रित हो जाते हैं जिससे उन्हें ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पाती। तलछट के आवरण के कारण न तो जीव अवशेषों का ऑक्सीकरण हो पाता है और न ही विघटन। इसी के चलते ये जीवाश्म मजबूत और कठोर चट्‌टान में बदल जाते हैं।

प्राचीनकाल की मूर्तिकला में इस पत्थर का इस्तेमाल किया जाता रहा है। शालिग्राम पत्थर बेहद मजबूत होते हैं। इसलिए शिल्पकार बारीक से बारीक आकृति उकेर लेते हैं। अयोध्या में भगवान राम की सांवली प्रतिमा इसी तरह की शिला पर बनी है।

जीवाश्मों को हिंदू पवित्र मानते हैं क्योंकि माधवाचार्य ने उन्हें अष्टमूर्ति से प्राप्त किया था। माधवाचार्य को व्यासदेव के नाम से भी जाना जाता है। यह विष्णु के प्रतीक यानी शंख जैसा होता है। शालिग्राम अलग-अलग रूपों में मिलते हैं। कुछ अंडाकार होते हैं तो कुछ में एक छेद होता है। इस पत्थर में शंख, चक्र, गदा या पद्म की तरह निशान बने होते हैं।

धार्मिक मान्यता: भगवान विष्णु ने तुलसी के पति को छल से मारा, श्राप के चलते पत्थर बने

देवी भागवत पुराण के अध्याय 24, शिव पुराण के अध्याय 41 के अलावा ब्रह्मवैवर्त पुराण में शालिग्राम शिला की उत्पत्ति के बारे में विस्तार से बताया गया है। वृषध्वज नाम का एक राजा था। वह शिव के अलावा किसी और देवता की पूजा नहीं करता था। इसी के चलते सूर्य ने उसे श्राप दिया कि वह और उसकी पीढ़ियां गरीब ही रहेंगी।

अपनी खोई हुई समृद्धि को पाने के लिए वृषध्वज के पोते धर्मध्वज और कुशध्वज देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए तपस्या करते हैं। देवी लक्ष्मी तपस्या से प्रसन्न होती हैं और उनकी समृद्धि लौटा देती हैं। साथ ही दोनों की पुत्रियों के रूप में जन्म लेने का वरदान देती हैं।

इसके बाद देवी लक्ष्मी कुशध्वज की बेटी वेदवती और धर्मध्वज की बेटी तुलसी के रूप में अवतार लेती हैं। तुलसी अपने पति के रूप में भगवान विष्णु को पाने के लिए बद्रिकाश्रम में तपस्या करने चली जाती हैं। ब्रह्मा उन्हें बताते हैं कि इस जीवन में पति के रूप में विष्णु उन्हें नहीं मिलेंगे और उन्हें शंखचूड़ नामक दानव से विवाह करना होगा।

अपने पिछले जन्म में शंखचूड़ ही सुदामा थे। दरअसल, राधा ने सुदामा को श्राप दिया था कि वह अगले जन्म में दानव बनेंगे। इसी वजह से शंखचूड़ स्वभाव से सदाचारी और पवित्र था और विष्णु का भक्त था। उन्होंने ब्रह्मा की आज्ञा पर तुलसी से विवाह किया।

विवाह के बाद शंखचूड़ के नेतृत्व में दानवों ने अपने प्रमुख शत्रुओं, देवताओं के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया। शंखचूड़ के गुणों की वजह से यह युद्ध दानव जीत गए। इसके बाद दानवों ने स्वर्ग से देवताओं को बाहर निकाल दिया। पराजय से हतोत्साहित देवता भगवान विष्णु के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि शंखचूड़ की मौत भगवान शिव के हाथों होनी तय है।

देवताओं के अनुरोध पर शिव शंखचूड़ के खिलाफ युद्ध छेड़ देते हैं। हालांकि कोई भी पक्ष एक दूसरे पर हावी नहीं हो पाता। ऐसे में ब्रह्मा जी शिव को बताते हैं कि शंखचूड़ को तब तक नहीं हराया जा सकता, जब तक कि वह अपना कवच पहने हुए है और उसकी पत्नी की पवित्रता भंग न हो जाए।

इसके बाद भगवान विष्णु एक बूढ़े ब्राह्मण का वेश धारण कर शंखचूड़ के पास पहुंचते हैं और भिक्षा कवच मांगते हैं। शंखचूड़ उन्हें अपना कवच दे देता है। इसके बाद वह शिव के साथ युद्ध में व्यस्त हो जाता है। इसी बीच विष्णु कवच पहन कर शंखचूड़ का रूप धारण करते हैं और तुलसी के साथ सहवास करते हैं। इस प्रकार तुलसी की पवित्रता भंग हो जाती है और शिव के त्रिशूल द्वारा शंखचूड़ को मार दिया जाता है।

शंखचूड़ की मृत्यु के क्षण तुलसी को संदेह हो गया कि जो पुरुष उस वक्त उनके साथ था वह शंखचूड़ नहीं था। जब उन्हें पता चला कि विष्णु ने उनके साथ छल किया है तो उन्होंने भगवान विष्णु को पत्थर बनने का श्राप दिया। तुलसी का मानना था कि वह अपने भक्त शंखचूड़ को मारने के लिए और उसकी पवित्रता चुराने के दौरान पत्थर की तरह भावहीन थे।

इसके बाद विष्णु ने तुलसी को यह कहकर सांत्वना दी कि यह उन्हें पति के रूप में पाने के लिए की गई तपस्या का फल था। साथ ही वह अपनी देह त्यागने के बाद फिर से उनकी पत्नी बन जाएंगी। इसके बाद लक्ष्मी ने तुलसी के शरीर को त्याग दिया और एक नया रूप धारण किया जिसे तुलसी के नाम से जाना जाने लगा। तुलसी का परित्यक्त शरीर गंडकी नदी में बदल गया और उसके बालों से तुलसी की झाड़ी निकली।

तुलसी से शापित होने के कारण विष्णु ने गंडकी नदी के तट पर शालिग्राम के नाम से जाने जाने वाले एक बड़े चट्‌टानी पर्वत का रूप धारण कर लिया। वज्र के समान मजबूत दांतों वाले कीड़े वज्रकिता ने इन चट्‌टानों पर कई चिह्नों को उकेरा। वज्रकिता द्वारा उकेरे गए पत्थर जो उस पर्वत की सतह से गंडकी नदी में गिरते हैं, शालिग्राम शिला के रूप में जाने जाते हैं।

इतिहास: आदि शंकराचार्य के कई लेखों में इसका जिक्र

आदि शंकराचार्य के कई लेखों में भी शालिग्राम शिला का जिक्र है। वह विष्णु की पूजा में शालिग्राम शिला के उपयोग की सलाह देते हैं। तैत्तिरीय उपनिषद के श्लोक 1, 6, 1 और ब्रह्म सूत्र के 1, 3, 14 में भी शालिग्राम शिला का जिक्र है।

इन 4 बड़े मंदिरों की मूर्तियां भी शालिग्राम शिला से बनाई गई हैं

1. उडुपी का कृष्ण मठ ​​​​

2. वृंदावन का राधा रमण मंदिर

3. तिरुवनंतपुरम का पद्मनाभस्वामी मंदिर

4. बद्रीनाथ मंदिर

नेपाल से 26 जनवरी को भेजा गया

नेपाल से इस पत्थर को भिजवाने में नेपाली कांग्रेस नेता और पूर्व डिप्टी PM बिमलेंद्र निधि का अहम योगदान है। उन्होंने बताया कि काली गंडकी नदी में पाए जाने वाले ये पत्थर बहुत कीमती हैं। यह व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है कि ये पत्थर भगवान विष्णु के प्रतीक हैं। राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा था कि यदि यह पत्थर मिल जाए तो अयोध्या में राम लला की मूर्ति इसी से बनाई जाएगी। इस अनुरोध के बाद मैं एक्टिव हुआ और पत्थर को अयोध्या पहुंचाने के लिए काम करने लगा।

नेपाल में पोखरा स्थित शालिग्रामी नदी (काली गंडकी ​​​​​) से यह दोनों शिलाएं जियोलॉजिकल और आर्किलॉजिकल विशेषज्ञों की देखरेख में निकाली गई हैं। 26 जनवरी को इन्हें ट्रक में लोड किया गया। पूजा-अर्चना के बाद दोनों शिलाओं को ट्रक के जरिए सड़क मार्ग से अयोध्या भेजा गया।

राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल ने बताया कि नदी के किनारे से इन विशाल शिलाखंड को निकालने से पहले धार्मिक अनुष्ठान किए गए। नदी से क्षमा याचना की गई। विशेष पूजा की गई। एक शिला का वजन 26 टन जबकि दूसरे का 14 टन है। यानी दोनों शिलाओं का वजन 40 टन है।

ePaper
आज का अंक28 Sep to 4 Oct

28 सितंबर, सोमवार

ePaper पढ़ें
Abhishek Raghuvanshi
कुशवाहा ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों को मजबूत करने का निर्देश दियाMadhyaPradeshकुशवाहा ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों को मजबूत करने का निर्देश दिया 1 घंटा पहलेमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने इंदौर, उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने का लक्ष्यMadhyaPradeshमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने इंदौर, उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने का लक्ष्य 1 घंटा पहलेमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए नई योजनाएँ घोषित कीMadhyaPradeshमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए नई योजनाएँ घोषित की 2 घंटे पहलेअनंत इंदौर और भविष्य के इंदौर की दिशा में बड़ा कदमIndoreअनंत इंदौर और भविष्य के इंदौर की दिशा में बड़ा कदम 2 घंटे पहलेअर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2026: शहरी विकास को रफ्तार देने की तैयारीIndoreअर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2026: शहरी विकास को रफ्तार देने की तैयारी 5 घंटे पहलेNothing के CMF Headphone Pros $55 में, बजट ओवर-ईयर हेडफ़ोनLifestyleNothing के CMF Headphone Pros $55 में, बजट ओवर-ईयर हेडफ़ोन 7 घंटे पहलेमध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने बालाघाट की टीम को क्विज-2026 विजेता घोषित कियाMadhyaPradeshमध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने बालाघाट की टीम को क्विज-2026 विजेता घोषित किया 7 घंटे पहलेमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2047 तक विकसित भारत पर चर्चा कीMadhyaPradeshमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2047 तक विकसित भारत पर चर्चा की 7 घंटे पहले
राहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग वाली गर्भवती पत्रकार की याचिका पर नोटिस जारीDelhiराहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग वाली गर्भवती पत्रकार की याचिका पर नोटिस जारी 1 दिन पहलेराजस्थान हाईकोर्ट ने नवजात की मां के तबादले पर लगाई रोक, सरकार से नीति बनाने को कहाIndia Newsराजस्थान हाईकोर्ट ने नवजात की मां के तबादले पर लगाई रोक, सरकार से नीति बनाने को कहा 1 दिन पहलेअडानी-अंबानी समेत 21 मीडिया संस्थानों ने मोदी सरकार के निजता कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दीIndia Newsअडानी-अंबानी समेत 21 मीडिया संस्थानों ने मोदी सरकार के निजता कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी 1 दिन पहलेCS Lewis के Belfast प्रेरणास्रोत से नेटफ्लिक्स की Chronicles of NarniaLifestyleCS Lewis के Belfast प्रेरणास्रोत से नेटफ्लिक्स की Chronicles of Narnia 1 दिन पहलेHSBC ने $1 बिलियन शेयर बायबैक की घोषणा कीBusinessHSBC ने $1 बिलियन शेयर बायबैक की घोषणा की 1 दिन पहलेडोनाल्ड ट्रम्प का सबसे बड़ा आर्थिक चुनौती: कीमतें बढ़ती हुईBusinessडोनाल्ड ट्रम्प का सबसे बड़ा आर्थिक चुनौती: कीमतें बढ़ती हुई 1 दिन पहलेमौरीनो का प्लान पूरा हुआ, रियल मैड्रिड ने क्लासिको में जीत दर्ज कीSportsमौरीनो का प्लान पूरा हुआ, रियल मैड्रिड ने क्लासिको में जीत दर्ज की 1 दिन पहलेBBC Sport ने Wales डेब्यूंट्स पर अध्ययन किया, 1125 से 1224 तकSportsBBC Sport ने Wales डेब्यूंट्स पर अध्ययन किया, 1125 से 1224 तक 1 दिन पहले
↑