राष्ट्रीय बाल आयोग की विशेष टीम ने की इंदौर मे कार्रवाई दो दिनो मे 50 से अधिक बच्चो को किया रेस्क्यू

By Abhishek Raghuvanshi
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बाल श्रम व भिक्षावृति के मामले में मध्यप्रदेश पुरे देश में पहले पांच राज्यों में शामिल है, यही कारण है कि इंदौर में कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय बाल आयोग ने विशेष टीम भेजी है, टीम ने पिछले दो दिनों में तीस से अधिक संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक  बच्चों को रेस्क्यू किया गया है।  शनिवार को भी टीम द्वारा शहर के अलग अलग क्षेत्रों में कार्रवाई की जाएगी। 

दिल्ली और भोपाल बाल आयोग की टीम पिछले दो दिनों से इंदौर में डेरा डाले हुए है, राष्ट्रीय स्तर पर बाल श्रम व भिक्षवृति में मध्यप्रदेश का नाम टॉप पर आने के बाद यह टीम प्रदेश के सबसे बड़े जिले में कार्रवाई के लिए पहुंची है।  गुरूवार को टीम ने  महिला बाल विकास, जिला बाल आयोग व पुलिस की सहायता से शहर के अलग अलग संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए बच्चों को रेस्क्यू किया था, शुक्रवार को भी टीम ने पलसीकर, पलासिया और खजराना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए ढाबों और होटलों पर काम करने वाले नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया।  स्थानीय बाल कल्याण समिति  के सदस्य ने जानकारी देते हुए बताया कि बाल श्रम निरोध सप्ताह के तहत कार्रवाई की गई है।  बच्चों से काम करवाना कानूनन अपराध है।  

रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल आयोग के समक्ष पेश किया जाएगा, बच्चों के माता पिता को आयोग के सामने दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, यदि बच्चों की उम्र 18 वर्ष से कम हुई तो उन्हें बाल कल्याण केंद्र में रखा जाएगा।  
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